होलिका दहन के समय उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जनपद के राजघाट इलाके से धर्मेन्द्र मंझवार को पुलिस पकड़ ले गयी और कई दिन थाने में रखने के बाद कचेहरी खुलने पर सिटी मजिस्ट्रेट के यहाँ धर्मेन्द्र मंझवार को नंगा कर पीटते हुए घुमाने के बाद पेश किया गया। माननीय उच्चतम न्यायलय से लेकर अखिलेश सरकार मूकदर्शक है। मानवाधिकार आयोग सिर्फ कागजी हैं। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर ही कार्य करते हैं। उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार में पुलिस निरंकुश है। कानून नाम से पुलिस को अपने लिए चिढती है और वसूली करने के लिए दूसरे को कानून बताने का कम करती है। पुलिस के इन कार्यों का खामियाजा अखिलेश सरकार को भुगतना पड़ेगा।
सुमन
लो क सं घ र्ष !
सुमन
लो क सं घ र्ष !
