धरना लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
धरना लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

शनिवार, 7 अप्रैल 2018

दलित, आदिवासियों व अल्पसंख्यको का नरसंहार

दलित, आदिवासियों व अल्पसंख्यको का नरसंहार कर उनकी सम्पदा को छीनकर कार्पोरेट सेक्टर के मित्रो को सौपने की सरकार की मंशा
              -रणधीर सिंह सुमन
                 8 सूत्रीय मांगो वाला महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला कौंसिल ने किया विरोध प्रदर्शन 
बाराबंकी। 2 अप्रैल को दलितों द्वारा आयोजित भारत बंद के दौरान सरकार व संघी गुंडों ने 12 दलितों की निर्मम हत्या कर दी थी। देश में कई हजार दलित नवजवानो को थानो में ले जाकर पिटाई की गयी और रासुका जैसी कार्यवाही कर उनका भविष्य बिगाड़ने की कोशिश की गयी है। उक्त विचार गाँधी भवन में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी जिला कौंसिल के विरोध प्रदर्शन में पार्टी राज्य परिषद् सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की मंशा है कि दलित, आदिवासियों व अल्पसंख्यको का नरसंहार कर उनकी साम्प्रदा को छीनकर कार्पोरेट सेक्टर के अपने मित्रो को सौप दिया जाये। धरना को जिला सचिव बृजमोहन वर्मा ने संबोधित करते हुए कहा कि योगी सरकार हर मुद्दे पर फेल हो चुकी है और विधुत विभाग को निजी घरानों के हाथ बेंच रही है। जिसका पार्टी विरोध करती है। पार्टी सहसचिव शिवदर्शन वर्मा ने कहा कि सरकार के कारिंदे पत्रकारों को फर्जी मुकदमो में फसाकर दमन कर रही है। जिसका भुक्तभोगी पत्रकार डी0के0गोस्वामी है। धरने को संबोधित करते हुए पार्टी जिला सह सचिव डॉ0 कौसर हुसैन ने कहा कि इस सरकार की नीतियों के कारण आवारा साड़ो व बंदरो की संख्या बढ़ गयी है। जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है। अंत में महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित 8 सूत्रीय मांगो वाला ज्ञापन जिला प्रशासन को सौपा गया। जिसमे 2 अप्रैल की घटना की जाँच करवाकर दोषियों को दण्डित किये जाने, दलित नेताओ पर की गयी रासुका जैसी कार्यवाही को वापस लिए जाने, निजी घरानों को बेचे गए विधुत विभाग के फैसले को वापस लिए जाने, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सिंह के भ्रष्टाचार व पत्रकार डी0के0गोस्वामी के मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट भेजे जाने, आवारा सांडो को गौरक्षक संगठनों को सौपे जाने, क्रय केन्द्रों को खोले जाने, किसानो के बकाया बिजली बिलों को माफ किए जाने व आये दिन हो रही अपराधिक घटनाओ में अपनी नाकामी छुपाने के लिए फर्जी घटनाओ के खोले जाने पर रोक लगाये जाने की मांग की गयी है। धरने की अध्यक्षता गोपी कुमार व संचालन विनय कुमार सिंह ने किया। प्रदर्शन में मुख्य रूप से मुनेश्वर बक्श, प्रवीन कुमार, रामनरेश वर्मा, गिरीश चन्द्र, कर्मवीर सिंह, वीरेंद्र कुमार, नरेंद्र कुमार, भगवन राम सिंह, चाँद बाबु, मानवेन्द्र वर्मा, सियाराम, अशोक वर्मा, रामसनेही, बाबूलाल, गयाप्रसाद, छोटेलाल, अमित, अवधेश यादव आदि प्रमुख रहे।
------भूपेन्दर पाल सिंह

शनिवार, 4 जून 2011

लोकतंत्र का शमशानघाट है लखनऊ

धरना स्थल पर लाठीचार्ज
लाठीचार्ज से बेहोश कर्मचारी

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में झुलेलाल पार्क में प्रदेश के सभी धरना अनशन प्रदर्शन कार्यों को इकठ्ठा होकर अपनी बात कहने के लिये स्थल नियत किया गया है 23 मई से नवीन ओखला ओद्योगिक विकास प्राधिकरण के कर्मचारी अपनी नौकरी के नियमतिकरण लिये धरना दिए हुए थे शुक्रवार की सुबह धरनाकारी धर्मपाल की मृत्यु हो गयी एस.पी ट्रांस गोमती नितिन तिवारी के कुशल नेतृत्व में सी. महानगर, सी. गुड़म्बा सहित कई थानों के थाना प्रभारी अपने-अपने नेम प्लेट उतारकर धरना स्थल पर बैठे हुए कर्मचारियों पर पुलिस, पी.एस.सी के बल पर लाठी चार्ज कर दिया जिसमें आधा दर्जन कर्मचारियों की हालत गंबीर स्तिथि में पहुँच गयी डेढ़ सौ महिलाओं को इन अधिकारियो के नेतृत्व में पुलिस पी.एस.सी ने जमकर पीटा सारे कानून नियम धरे के धरे रह गए
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की सरकार ने हमेशा समाज के हर तबके के ऊपर लाठी चार्ज किया है और किसी भी मामले में जिम्मेदार किसी भी पुलिस अधिकारी के खिलाफ कोई कार्यवाई नहीं की गयी है। धरना स्थल पर धरनाकारी धर्मपाल की मौत के बाद पुलिस प्रशासन ने जिस तरह से धरनाकारी के ऊपर बुरी तरह से लाठीचार्ज किया है। उससे लगता है की उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ लोकतंत्र का शमशानघाट है और विपक्षी दलों की स्तिथि मुर्दों से भी बदतर है। जो न हिल सकते हैं न डुल सकते हैं अन्यथा सरकार की यह हिम्मत ही नहीं हो सकती थी कि वो हर सत्याग्रही के ऊपर लाठीचार्ज कर सके।

सुमन
लो क सं घ र्ष !
Share |