शनिवार, 28 दिसंबर 2024

Sanghiyo Ne-Bhadur Shah Jafar Banaya-मनमोहन जी को दो गज जमीं भी ना मिली कू ए यार में!

मनमोहन जी को दो गज जमीं भी ना मिली कू ए यार में! जैसा व्यवहार अंतिम बादशाह बहादुर शाह जफर के साथ अंग्रेजों ने किया वैसा व्यवहार मोदी एंड कंपनी डॉ. मनमोहन सिंह जी के साथ कर रही है! भारत की राजधानी में मनमोहन जी की स्मृति का कोई स्थान देनें में कष्ट हो रहा है! जैसे मुल्क और उसकी राजधानी बीजेपी सरकार की बपौती है? यह ओछी हरकत कब तक? यह अपमान का खेल कब तक? ◾ डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर होगा दस साल प्रधानमंत्री रहे डॉ. मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार राजधानी दिल्ली में निगम बोध घाट पर होगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने इस बारे में सूचना जारी कर दी है। कांग्रेस ने सरकार के इस निर्णय को पूर्व प्रधानमंत्री का अपमान बताया है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज ही प्रधानमंत्री और गृह मंत्री से फोन पर बात की फिर पत्र लिख कर मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए विशेष स्थान आवंटित करने की मांग की थी। पार्टी ने कहा था कि जहां अंतिम संस्कार होगा वहां पार्टी स्मारक बनाएगी। सरकार ने कांग्रेस की मांग को अनसुना करके निगम बोध घाट पर अंतिम संस्कार तय कर दिया। सरकार के इस फैसले के बाद सांसद प्रियंका गांधी ने कहा है कि पार्टी मनमोहन सिंह का अंतिम संस्कार करने लिए शक्ति स्थल या वीर भूमि में स्थान देने को तैयार है। इतिहास में पहली बार ऐसा हो रहा है कि किसी भूतपूर्व प्रधानमंत्री का अंतिम संस्कार निगम बोध घाट पर करने का निर्णय किसी सरकार ने लिया हो। मोदी सरकार के इस निर्णय की चौतरफ़ा आलोचना हो रही है। 🔹उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेई का अंतिम संस्कार राजघाट के पास किया गया था। वहां सात एकड़ में 'सदैव अटल' नाम से स्मारक बना है। 🔹राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में राजघाट क्राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्रियों (पूर्व या पद पर) के अंतिम संस्कार के लिए निर्दिष्ट स्थान है। इसके बावजूद मोदी सरकार मनमोहन सिंह के अंतिम संस्कार के लिए वहां स्थान नहीं दे रही है। -Rakesh Pathak

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