गुरुवार, 22 जनवरी 2026
पाकिस्तान की कम्युनिस्ट पार्टी के साथी गीत गाते हुए तू जिंदा है तो जिन्दगी की जीत पर यकीन कर
पाकिस्तान की कम्युनिस्ट पार्टी के साथी गीत गाते हुए तू जिंदा है तो जिन्दगी की जीत पर यकीन कर
तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत में यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
ये ग़म के और चार दिन सितम के और चार दिन
ये दिन भी जाएंगे गुज़र गुज़र गए हज़ार दिन
ये ग़म के और चार दिन सितम के और चार दिन
ये दिन भी जाएंगे गुज़र गुज़र गए हज़ार दिन
कभी तो होगी इस चमन पर भी बाहर की नज़र
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत में यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
सुबह शाम के रंगे हुए गगन को चूम कर
तू सुन जमीन गा रही हे कबसे झूम झूम कर
सुबह शाम के रंगे हुए गगन को चूम कर
तू सुन जमीन गा रही हे कबसे झूम झूम कर
तू आ मेरा सिंगार कर तू आ मुझे हसीं कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
तू ज़िंदा है तो ज़िन्दगी की जीत में यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
हज़ार भेस धर के आई मौत तेरे द्वार पर
मगर तुझे न छल सकी चली गई वो हार कर
हजार भेस धर के आई मौत तेरे द्वार पर
मगर तुझे न छल सकी चली गई वो हार कर
नई सुबह के संग सदा तुझे मिली नई उम्र
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
तू ज़िंदा है तू ज़िन्दगी की जीत में यक़ीन कर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
बुरी है आग पेट की बुरे है दिल के दाग ये
ना दब सकेगें एक दिन बनेंगे इंकलाब ये
बुरी है आग पेट की बुरे हैं दिल के दाग ये
ना दब सकेंगे एक दिन इंकलाब ये
गिरेंगे जुल्म के महल बनेंगे फिर नवीन घर
अगर कहीं स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
तू ज़िंदा है तू ज़िन्दगी की जीत में यक़ीन कर
अगर कहीं स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
तू ज़िंदा है तू ज़िन्दगी की जीत में यक़ीन कर
अगर कहीं स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर
तू ज़िंदा है
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