मंगलवार, 24 फ़रवरी 2026
वाह साथी अरविन्द राजस्वरुप
स्वागतयोग्य और विलक्षण !
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के संबंध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य समिति की ओर से सचिव कामरेड Arvind Raj Swarup Cpi का जो बयान आज जारी हुआ है वह स्वागतयोग्य तो है ही , साथ ही विलक्षण भी है । द्वंदात्मक भौतिकवाद के फलसफे पर यकीन करने वाली कम्युनिस्ट पार्टी का यह बयान कई मायनों में बहुत ही महत्वपूर्ण है । मेरे लिए ऐसा बयान बहुप्रतीक्षित भी है । फासिस्ट सत्ता द्वारा द्वेषपूर्वक नागरिकों के उत्पीड़न की किसी भी घटना पर कम्युनिस्ट आंदोलन निरपेक्ष नहीं रहना चाहिए और ताजा बयान से सीपीआई की यूपी स्टेट कमेटी ने अपने इसी कम्युनिस्ट दायित्व का शानदार परिचय दिया है । बयान को सीधे तौर पर शंकराचार्य का समर्थन नहीं कहा जा सकता है और न ही कम्युनिस्ट पार्टी के लिए उनसे हर बात पर सहमत होना संभव है । बयान यूपी की फासिस्ट सत्ता यानी योगी सरकार के विरोध में है, सत्ता के दुरुपयोग के विरोध में है और नागरिकों के असहमति के अधिकार का समर्थन करता है । किसी भी धर्म के अनुयाई या आचार्य के प्रति राज्य सत्ता यदि किसी बदले की भावना से कानून और मशीनरी का दुरुपयोग करती है तो हर कम्युनिस्ट का कर्तव्य है कि वह उसका विरोध करे । भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने इस मामले में पहल कर प्रदेश के कम्युनिस्ट आंदोलन की ओर से शानदार कदम उठाया है ।
-मधुवन दत्त चतुर्वेदी
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