गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026
धर्मांतरण विरोधी कानून को उच्चतम न्यायालय में चुनौती देने पहुंची डाँ रुपरेखा वर्मा
लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति और सामाजिक कार्यकर्ता रूपरेखा वर्मा ने उत्तर प्रदेश के धर्मांतरण विरोधी कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। आरोप है कि कानून का उपयोग अंतरधार्मिक जोड़ों को प्रताड़ित करने और झूठे मामलों में फंसाने के लिए किया जा रहा है। उन्होंने इस कानून के तहत की जा रही कार्रवाइयों पर रोक लगाने की मांग की है।
प्रमुख बिंदु:
याचिका का आधार: रूपरेखा वर्मा ने अपनी संस्था 'सांझी दुनिया' के माध्यम से यह तर्क दिया कि यह कानून नागरिकों की स्वतंत्रता का उल्लंघन करता है और इसका दुरुपयोग हो रहा है।
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