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शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2020

दादा गजेन्द्र सिंह जैसी प्रतिभाएँ इस संसार में सदियों में पैदा होते हैं-परमात्मा सिंह

  दादा गजेन्द्र सिंह जैसी प्रतिभाएँ इस संसार में सदियों में पैदा होते हैं। वह बहुयामी प्रतिभाओं वाले व्यक्ति थे।     दादा गजेन्द्र सिंह के 9वें स्मृति दिवस पर उनके पैतृक आवास हसनापुर में आयोजित स्मृति सभा को सम्बोधित करते हुए इण्डियन एसोसिएशन आॅफ लाॅयर्स के उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक परमात्मा सिंह ने कहा कि गजेन्द्र सिंह जब मैं विधायक था तब वह भी विधायक थे उन्होंने अपना सारा जीवन जनहित, सभ्य एवं आदर्श समाज के निर्माण के संघर्ष को समर्पित कर दिया था। वह एक आदर्श जनप्रतिनिधि थे। 


                           सभा की अध्यक्षता करते हुए समाजसेवी एवं वरिष्ठ पत्रकार महंत बी0पी0 दास बाबा ने कहा कि देश को इस समय स्व0 गजेन्द्र दादा जैसी राजनैतिक एवं सामाजिक प्रतिभाओं की नितान्त आवश्यकता है। रिहाई मंच के संयोजक मुहम्मद शुऐब एडवोकेट ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था एवं सामाजिक समरसता पर घोर संकट है यदि हम अब भी न जागे तो देश की दशा एवं दिशा क्या होगी, इसका कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव बृजमोहन वर्मा ने कहा कि कोरोना की आड़ में केन्द्र एवं राज्य में स्थापित साम्राज्यी शक्तियों ने जनता का बड़ी निर्दयता के साथ शोषण किया है। अध्ययन करने की बात है कि समाजवादी शासित देशों में कोरोना का प्रभाव क्यो कम रहा। भाजपा नेता उमाशंकर वर्मा उर्फ ‘‘मुन्नू भैय्या’’ ने कहा कि कोरोना का संकट देश में अभी भी बरकरार है, ऐसे में कोई ढिलाई नहीं करना चाहिए, मोदी और योगी सरकार जनहित में कार्य कर रही है। साहित्यकार डा0 विनय दास ने दादा को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि वह साहित्य एवं मानव धर्म प्रेमी थे और समाज में इनके समावेश के पक्षधर थे। हिन्दी साहित्य में विद्वान डाॅ0 श्याम सुन्दर दीक्षित ने दादा गजेन्द्र सिंह के सुपुत्र रणधीर सिंह सुमन की प्रशंसा करते हुए कहा कि कम लोग हैं जो अपने पुरखों का स्मरण एवं सम्मान करते हैं, उन्होंने गजेन्द्र जी के साथ बिताए अपने स्मरणों की चर्चा की। 

                 सभा में पधारे आगन्तुकों का स्वागत करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की राज्य कौंसिल सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि देश को साम्राज्यवादी शक्तियों ने दबोच रखा है और किसान, मजदूर और दबे-कुचले समाज का अस्तित्व घोर संकट में है। 

                                        वरिष्ठ पत्रकार एवं उर्दू दैनिक इंकिलाब के जिला संवाददाता मो0 तारिक खां के द्वारा संचालित स्मृति सभा में जिला टैक्स बार के अध्यक्ष पवन कुमार वैश्य, नवीन सेठ, उपेन्द्र सिंह एडवोकेट, सिटी इण्टर कालेज के प्रधानाध्यापक विजय प्रताप सिंह, रामनगर डिग्री कालेज के प्रवक्ता डाॅ0 इकबाल बहादुर सिंह, कमल सिंह चंदेल, कामरेड डाॅ0 कौसन हुसैन, डाॅ0 एस0एम0 हैदर ने भी अपने-अपने विचार रखते हुए स्व0 दादा गजेन्द्र सिंह को अपने श्रद्धां सुमन अर्पित किये। 

                               इस अवसर पर कलीम किदवई, आल इण्डिया पसमांदा मुस्लिम महाज के प्रदेश अध्यक्ष मो0 वसीम राईन, रिजवान राईन, प्रवीण कुमार, शिव दर्शन वर्मा, राम नरेश वर्मा, संजय, कृष्ण मोहन, पुष्पेन्द्र सिंह, नीरज वर्मा, विजय प्रताप सिंह, निर्मल वर्मा आदि लोग उपस्थित रहे। इस अवसर पर दादा गजेन्द्र सिंह की स्मृति में एक वाटिका का शिलान्यास परमात्मा सिंह एवं महंत बी0पी0 दास के कर कमलों द्वारा सम्पन्न हुआ।

मंगलवार, 30 अक्टूबर 2018

पूर्व विधायक की स्मृति सभा का हुआ आयोजन


स्वः गजेन्द्र सिंह जो वादा करते उसे पूरा करते थे: फरीद महफूज किदवई

राजनीतिक युग में जनता के सर्व सुलभ राजनेता थे: फवाद किदवई
पूर्व मंत्री बोलते हुए 

बाराबंकी। वर्तमान समय में अब देश में ऐसी सरकारें सत्तारूढ है। जो अपने अल्पसंख्या में रहने वाले नागरिकों के दमन करने पे उतारू है। उनकी यह संविधान विरोधी हरकते देश की एकता और अखण्डता के लिए खतरा है। उक्त विचार स्व0 दादा गजेन्द्र सिंह की स्मृति सभा में पूर्व मंत्री फरीद महफूज किदवई ने व्यक्त किये। पूर्व मंत्री ने स्मृति सभा को संबोधित करते हुए कहा कि स्वः गजेन्द्र सिंह जो वादा करते थे। उसको पूरा करते थे। अब यह बात वर्तमान राजनीतिज्ञो में नहीं है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी महासचिव फवाद किदवई ने कहा दादा गजेन्द्र सिंह अपने राजनीतिक युग में जनता के सर्व सुलभ राजनेता थे। वह कर्तव्यनिष्ठ व ईमानदार थे। प्रदेश सरकार में मंत्री प्राप्त दर्जा व पूर्व विधायक परमात्मा सिंह ने कहा कि दादा के साथ हम भी विधायक थे और वे विधानसभा में अपनी बातों को प्रभावशाली तरीके से रखते थे। संजय सेतु के निर्माण की मंजूरी उन्हीं के अथक प्रयासों से हुई थी। इसके अतिरिक्त सभा को पत्रकार तारिक खान, सिटी इण्टर कालेज प्रधानाचार्य विजय प्रताप सिंह, प्रशान्त कुमार मिश्रा, नवीन सेठ, वसीम राईन, बृजमोहन वर्मा, बार पूर्व अध्यक्ष सुरेन्द्र प्रताप सिंह बब्बन, सेल्स ट्रेक्स बार अध्यक्ष पवन वैश्य, हुमाँयू नईम खान, उपेन्द्र सिंह, अनवर जमाल, महंत बी0पी0 दास, राजेश सिंह आदि लोगों ने भी संबोधित किया। सभा का संचालन अधिवक्ता विभव मिश्रा व अध्यक्षता बृजेश कुमार दीक्षित ने की। 
श्री फवाद किदवई मल्यांपर्ण करते हुए 
                   स्मृति सभा में वरिष्ठ अधिवक्ता रणधीर सिंह सुमन, अजय गुरू, श्याम सुन्दर दीक्षित, विनय दास, विनय कुमार सिंह, शिव दर्शन वर्मा, मो0 कदीर, एहशान बेग, जैनुल कदर, विजय प्रताप सिंह, निर्मल वर्मा, पुष्पेन्द्र सिंह, विनोद कुमार यादव, गिरीश, राजेन्द्र सिंह, कर्मवीर सिंह, भूपिंदर पाल सिंह, प्रवीन कुमार, महेन्द्र यादव, डा0 कौशर हुसैन, रईस अहमद, कादरी, आनन्द सिंह, अमर प्रताप सिंह, पूर्णांशु सिंह, नीरज वर्मा, कमल सिंह चन्देल, कलीम किदवई, अख्तर पत्रकार अवधेश आदि मौजूद रहे।

रविवार, 25 अक्टूबर 2015

गांधी व नेहरू के व्यक्तित्व को दागदार करने में जुटे -ओंकार सिंह

जिन लोगो का देश की आजादी व उसके निर्माण में कोई योगदान नही रहा वह आज गांधी व नेहरू के व्यक्तित्व को दागदार करने में जुटे है। अपने राजनीतिक हितो की खातिर वह देश की अखण्डता, अस्मिता व सामाजिक समरसता को समाप्त कर देना चाहते है। देश आज संकट के दौर से गुजर रहा है। युवा पीढ़ी को चाहिए कि वह अपने गौरव मय अतीत का अध्ययन करे। इन विघटनकारी शक्तियों द्वारा नित्य परोसे जा रहे दिग्भ्रमित विचाारो को नकार कर एक मजबूत भारत का निर्माण करें।
    यह विचार प्रदेश क्रांग्रेस कमेटी के महासचिव ओंकार सिंह रविवार को गांधी भवन में जिले के पूर्व विधायक सामाजिक विचारक एवं सीनियर कांग्रेसी लीडर स्वर्गीय गजेन्द्र सिंह की तीसरी पुण्य तिथि के अवसर पर आयोजित श्रृद्धांजलि सभा के मुख्य वक्ता के रूप में व्यक्त कर रहे थे। उन्होने स्वर्गीय गजेन्द्र सिंह के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह एक ईमानदार, स्पष्टवादी, निर्भीक एवं जनहित व राष्ट्रहित प्रेमी व्यक्ति थे। उन्होने राजनीति में कभी अपने वसूलो व नैतिक मूल्यो से समझौता नही किया। शायद यही कारण है कि राजनीति में जिस शिखर पर पहुंचना चाहिए था वह वहाॅ नही पहुॅच सके।
    उत्तर प्रदेश अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन एवं पूर्व एम0एल0सी0 गयासुद्दीन किदवई ने अपने विचार रखते हुए कहा कि यह देश प्राकृतिक सम्पदा सम्पन्न है। इसकी गरीबी विचारो की गरीबी है। उन्होने देश की नौजवान पीढ़ी को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश के लोकतन्त्र व संविधान की रक्षा के लिए सामने आए और धन दौलत अर्जित करने के स्थान पर विचारो का बैंक बैलेन्स अर्जित करे।
    जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष बृजेश कुमार दीक्षित ने अपने अध्यक्षीय भाषण में कहा कि दादा गजेन्द्र सिंह हम सभी के प्रेरणा स्रोत थे और उनकी अनुपस्थिति में उनके विचारो का अनुसरण करना ही उनकी सच्ची श्रृद्धांजलि होगी।
    पत्रकार मोहम्मद तारिक खान के संचालक में सभा को प0 राजनाथ वर्मा, महन्त गुरू शरणदास, केदार बख्श सिंह, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव बृज मोहन वर्मा, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता बृजेन्द्र कुमार सिंह, डा0 तसखीरूल हसन, नवीन सेठ, जिला उपभोकता फोरम के पूर्व सदस्य हुमायू नईम खान, प्रशांत मिश्र व जैनुल कदर ने भी सम्बोधित किया।
    इस अवसर पर सत्येन्द्र, बलराम सिंह, निर्मल वर्मा, विजय प्रताप सिंह, करमवीर सिंह, राजेन्द्र सिंह, रामलखन, अतुल, पुष्पेन्द्र सिंह, अब्दुल सलाम, प्रदीप सारंग, मो0 अतहर, अमर प्रताप सिंह, अजय सिंह, बब्बन सिंह, पुर्णांशू सिंह, डा0 कौसर हुसैन, वसीम राइन, राजेश सिंह, प्रदीप सिंह, मो0 आलम, डा0 उमेश वर्मा, बी0पी0दास, विनय दास, नीरज वर्मा एडो0 आदि उपस्थित थे।

-रणधीर सिंह सुमन
लो क सं घ र्ष !
      


मंगलवार, 22 अक्टूबर 2013

दादा गजेन्द्र सिंह समाज के हर वर्ग के प्रेरणा दायक


  बाराबंकी। पूर्व विधायक, समाज सुधारक स्व0 गजेन्द्र सिंह की प्रथम पुण्य तिथि के अवसर पर पूर्व अध्यक्ष जिला बार एसोसिएशन बृजेश दीक्षित की अध्यक्षता में गांधी भवन देवां रोड पर एक स्मृति सभा का आयोजन किया गया।
    कार्यक्रम का प्रारम्भ महन्त गुरूशरण दास ने स्व0 गजेन्द्र सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धासुमन पेश करते हुए किया।
    इस अवसर पर अपने संबोधन में बृजेश दीक्षित ने कहा कि दादा गजेन्द्र सिंह समाज के हर वर्ग के प्रेरणा दायक थे। उनके लिए सच्ची श्रद्धांजलि उनके विचारों का अनुसरण करने में ही है।
    गांधी वादी विचारक एवं गांधी समारोह ट्रस्ट के अध्यक्ष प0 राजनाथ शर्मा ने पूर्व विधायक को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन एक सच्चे एवं निर्भीक इंसान के जीवन की अभिव्यक्ति थी और गांधी समारोह ट्रस्ट के वह संस्थापक सदस्य थे और उन्हीं की प्रेरणा से ट्रस्ट द्वारा अनेको कार्यक्रम सम्पन्न कराए गए।

    वरिष्ठ पत्रकार हशमतउल्ला ने पूर्व विधायक के जीवन व उनके कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वह बहुआयामी व्यक्तित्व के मालिक थे। एक ओर जहां वह एक निर्भीक व बेबाक राजनेता थे तो वहीं उर्दू व हिन्दी साहित्य के प्रेमी थे, उन्हें यदि रामायण की चौपाइयों , गीत, श्लोक व प्रमुख कवियों की कविताएं कठस्थ थी तो वहीं उर्दू के ऐसे नायाब अशआर याद थे जो किसी ने कभी सुने भी न हों।
    फखरूद्दीन अली अहमद कमेटी के पूर्व चेयरमैन निहाल रिजवी ने दादा गजेन्द्र सिंह के साथ बिताए गए अपने समय का स्मरण करते हुए कहा कि जिले में राजनीति की युवा पीढ़ी को तैयार करने में दादा की अहम भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि वह एक निर्भीक राजनेता थे और आम आदमी के सरोकारो के पैरोकार थे।
    जिला उपभोक्ता फोरम के पूर्व सदस्य हुमायू नईम खां ने दादा गजेन्द्र सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वह अपने आदर्शों से कभी समझौता न करने वाले इंसान थे और सामाजिक समस्याओं के प्रति उनकी संवेदनाओं ने सदैव उन्हें आम इंसानों के करीब रखा।
    वरिष्ठ प्रवक्ता जवाहर लाल नेहरू परास्नातक महाविद्यालय डा. राजेश मल्ल ने अपने संबोधन में कहा कि दादा गजेन्द्र सिंह ने राजनीति में अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के प्रवेश पर वह सदैव चिन्तित रहे और इसका विरोध करने के दृष्टिकोण से ही वह काफी समय तक एक राज्यमंत्री द्वारा राष्ट्रीय ध्वजारोहण किए जाने के खिलाफ अपनी आवाज बुलन्द करते हुए अपनी गिरफ्तारी देते रहे।
    इस अवसर पर पवन कुमार वैश्य, बृजमोहन वर्मा, डा. उमेश चन्द्र वर्मा, डा. एस.एम. हैदर, प्राचार्य रामस्वरूप यादव, पूर्व विधायक शिवकरन सिंह, हरिशरण दास, राकेश कुमार सिंह, दिलीप गुप्ता एडवोकेट, उपेन्द्र सिंह, श्रीमती नीरज सिंह, अजय सिंह, प्रशान्त मिश्र, सुरेन्द्र नाथ मिश्र, हरि गुप्ता, राजेन्द्र बहादुर सिंह, पुष्पेन्द्र कुमार सिंह, सलाम मोहम्मद, विजय प्रताप सिंह, आनंद सिंह, अरविन्द वर्मा, गनेश सिंह, धीरेन्द्र सिंह, राजेश्वर दयाल बाजपेयी, मेराज अहमद ने भी अपने विचार रखते हुए दिवंगत राजनेता  को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
    कार्यक्रम के अंत में रणधीर सिंह सुमन ने आए हुए सभी आगुन्तकों के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।



रणधीर सिंह सुमन
एडवोकेट
जिला-बाराबंकी

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