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मंगलवार, 13 नवंबर 2012

दीपावली मनाए : जुआ मत खेलें

सुख, शांति, समृद्धि का प्रतीक त्यौहार दीपावली है। उत्तर भारत में जब फसलों की कटाई हो रही होती है तब दीपों का यह त्यौहार आम जन द्वारा मनाया जाता है। लेकिन इस त्यौहार की एक और मुख्य विशेषता है कि  गाँव से लेकर शहर तक अधिकांश लोग जुआ खेलने लगते हैं और जुआ खेलने का दौर हफ़्तों चलता रहता है जिससे बहुत सारे परिवार बर्बाद हो जाते हैं अब तो गाँव और शहरों में  जुआ साल भर चला करता है और इस पर्व क अवसर पर जो लोग कभी जुआ नहीं खेलते हैं वह लोग भी अपनी किस्मत अजमाने लगते हैं।
                   लोकसंघर्ष परिवार सभी को दीपावली के पर्व पर मुबारकबाद देता है और सभी लोगों से अनुरोध करता है की समृद्धि के इस त्यौहार को सौहार्द व सुखमय वातावरण में मनाये। लड़ाई-झगडा न करे और विशेषकर जुआ न खेले।

सुमन
लो क सं घ र्ष ! 

शुक्रवार, 5 नवंबर 2010

ज्योति पर्व के दिए देश के अन्दर मौजूद सांप्रदायिक जेहनियत को जलाकर राख कर दें

आज राम का वनवास खत्म हुआ। राम वापस आये उसी के अवसर पर हम सब दीये जलाकर अपनी ख़ुशी का इजहार कर रहे हैं। हमारी कामना है, हमारी आराधना है कि हमारा देश, देश के नागरिक समृद्धि की ओर, प्रगति की ओर आगे बढें। देश की सम्रद्धि उस देश के नागरिकों की समृद्धि से आगे बढ़ता है । किन्तु अगर देश की खुशहाली चंद हाथों में सिमट जाए तो देश की निर्माण करने वाली शक्तियां मजदूर और किसान आत्महत्या के लिए मजबूर हो जाती हैं। देश की बहुसंख्यक जनता अपनी भूख और प्यास से उबार नहीं पायी है। दूसरी तरफ हम आप करोडो रुपये के पटाके दगा कर उनकी भूख और प्यास का उपहास उड़ा रहे होंगे।
इस देश की एकता और अखंडता की हिफाजत तभी तक संभव है जब तक कोई नागरिक असंतुष्ट न होने पाए। साल भर लोग भाषा, प्रान्त, धर्म, जाति आदि के सवाल खड़े कर एक दूसरे को पराजित करने का सपना संजोये रहते हैं। जिससे देश कमजोर होता है। आइये हम आप यह कामना करें सांप्रदायिक , भाषाई, प्रांतीय, जातीय जेहनियत को ज्योति पर्व के दीये जलाकर राख कर दें। जिससे देश के नागरिक समृद्धि की ओर आगे बढ़ सकें।
ज्योति पर्व के अवसर पर आप सभी को लोकसंघर्ष परिवार की तरफ हार्दिक शुभकामनाएं।

सुमन
लो क सं घ र्ष !
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