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सोमवार, 9 मई 2011

उत्तर प्रदेश पुलिस की दरिन्दिगी देख कर नादिर शाह व तैमूरलंग भी शरमाया होगा

किसानो का खरगोश की तरीके से शिकार करने के लिये मुस्तैद पुलिस

भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानो के आन्दोलन को कुचलने के लिये सरकारी अमले में ग्रेटर नोएडा के भट्ठा पारसोल गाँव में अंग्रेजो को भी मात देते हुए किसानो की खड़ी फसल में आग लगा दी है विपक्षी दलों के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है विशेष पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था बृजलाल ने 6 अन्य किसान नेताओं के ऊपर गिरफ्तारी लिये इनाम घोषित किया है जबकि इसके विपरीत प्रदेश में आये दिन हो रहे बड़े-बड़े हत्याकांडो में पुलिस की भूमिका निरर्थक साबित हो रही है राजधानी में डॉक्टर वी.पी सिंह हत्याकांड में पुलिस कोई कार्यवाई नहीं कर पा रही हैं क्योंकि उसमें सत्तारूढ़ दल के नेताओं के भ्रष्टाचार का भी मामला छिपा हुआ है पुलिस फिर कैसे कोई कार्यवाई करे रूसी नाटकार चे ख्येव द्वारा लिखित नाटक गिरगिट में जो पुलिस की भूमिका है वही भूमिका उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्तमान दौर में है चूंकि मामला किसानो से सम्बंधित है इसलिए पुलिस ने तमाम सारे गाँव में तोड़फोड़, आग लगाना, बीमारों वृद्धों को पीटना, गिरफ्तार लोगों को जम कर पीटना, घरेलू सामानों को नष्ट कर देना आज के सरकार की लोकतांत्रिक न्याय पर आधारित व्यवस्था का कार्यक्रम जारी है
अब सरकारों में इस बात की होड़ लगी हुई है कि हम हिन्दुस्तानी अपनी जनता को किस कदर लूट कर नादिर शाह, तैमूरलंग, चंगेज खां को पीछे छोड़ दें और यह लोग शरमाएं की इतना तो हम भी भारत की जनता के साथ नहीं कर पाए

सुमन
लो क सं घ र्ष !

रविवार, 8 मई 2011

उत्तर प्रदेश में मायावती - बृजलाल का खुला तांडव नृत्य

किसानो की हत्या के बाद एक द्रश्य

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 110 दिनों से भूमि अधिग्रहण के खिलाफ किसानो का शांतिपूर्वक आन्दोलन चल रहा था मई को जिला अधिकारी के कुशल नेतृत्व में किसान पुलिस संघर्ष हो गया जिसमें 3 किसान मारे गए और प्रशासन की जबरदस्त फायरिंग से तीन पुलिस कर्मी भी मारे गए प्रदेश सरकार विभिन्न योजनाओ बड़ी कंपनियों के लिये जबरदस्ती किसानो की भूमि का अधिग्रहण कर किसानो को बरोजगारी की स्थिथि में रहने के लिये मजबूर कर देती है
इस घटना के बाद सात मई को ही प्रशासन ने गाँव में घुस कर बच्चों, महिलाओं, बीमार वृद्धों को लाठियों से पीट-पीट कर गाँव छोड़ने के लिये मजबूर कर दियागाँव वालों के घरों में घुस कर घरेलू सामानों को भी नष्ट कर दियाखेतो में खड़ी हुई फसलों को भी आग लगा दी गयी हैकल से आज तक लगभग 500 लोगों को गिरफ्तार कर बुरी तरीके से मारा-पीटा गया हैपुलिस पी.एस.सी की गुंडागर्दी अपने चरम पर हैकानून संविधान से कुछ लेना देना नहीं हैसरकार इतनी संवेदनहीन है कि 110 दिन से चल रहे किसान आन्दोलन की तरफ उसने देखने की जरूरत नहीं महसूस की नोएडा से कुछ ही दूरी पर राष्ट्रपति भवन प्रधानमंत्री आवास है किसानो का रुदन, चीख चिल्लाहट उनके साथ लूट अत्याचार की आवाज हमारे राष्ट्रपति प्रधानमंत्री तक नहीं पहुँच सकती वहां तक आवाज पहुँचाने के लिये भी किसानो को अपनी हत्याएं करवानी होगी
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री मायावती उनके खासमखास सिपहसलार विशेष पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था बृजलाल के तांडव नृत्य ने अधिवक्ताओं से लेकर सभी आन्दोलनकारियों को राजधानी लखनऊ में हमेशा लाठियों से पीटा है सरकार का हर आन्दोलन के प्रति लाठी चलवा देना, गोली चलवा देना ब्रिटिश हथकंडो को मात देता है कल राजधानी लखनऊ में पुलिस ने नागरिको पर भी फायरिंग की है मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में जितनी फायरिंग लाठी चार्ज उनके खासमखास विशेष पुलिस महानिदेशक बृजलाल ने करवाया है वह भी एक रिकॉर्ड है यदि मायावती की सरकार नहीं होती तो ऐसा विशेष पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश में नहीं होता कि जनता की हर आवाज को लाठियों गोलियों से दबाने की कोशिश करता उलटे किसान नेता मनवीर तेवतिया पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है

सुमन
लो क सं घ र्ष !
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