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बुधवार, 14 दिसंबर 2011

पुलिस महानिदेशक बृजलाल का सिटिजन चार्टर लागू

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में पुलिस महानिदेशक कार्यालय लोकतंत्र के मुख्य स्रोत्र विधान भवन से कुछ दूरी पर शक्ति भवन के सामने सरकार की पुलिस महानिदेशक बृजलाल के सिटिजन चार्टर का वास्तविक चेहरा निम्न चित्र में दिखाई देता है-
चित्र में राजधानी लखनऊ के पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री विजय भूषण सिंह शक्ति भवन के सामने राज्य विधुत परिषद् चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के आन्दोलनकारियों को बूटों से रौंदते हुए
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री महिला के साथ दलित भी हैंचतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की स्तिथि कोई विशेष अच्छी नही होती है उनके साथ लखनऊ में अगर यह व्यवहार हो रहा है तो प्रदेश के ग्रामीण अंचलों में समाज के कमजोर वर्गों दलितों के साथ पुलिस राज्य सरकार का क्या व्यवहार होगा ?
प्रदेश के पुलिस महानिदेशक श्री बृजलाल ने अपने सीनियर अफसरों को पीछे छोड़ते हुए पुलिस महानिदेशक की कुर्सी प्राप्त करने के बाद यह कहा था कि मैंने बहुत गरीबी में पढाई लिखाई की है और व्यवस्था जनित दर्द को मै जनता हूँउन्होंने सिटिजन चार्टर को पुलिस विभाग में लागू करने की घोषणा की थी वस्तुस्तिथि इससे भी ज्यादा विकट हैयह फोटो लखनऊ के अख़बारों में प्रमुखता के साथ छपी है न तो पुलिस महानिदेशक श्री बृजलाल और न तो मुख्यमंत्री सुश्री मायावती कोई कार्यवाई करेंगे।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

मंगलवार, 6 सितंबर 2011

बृजलाल जी : पुलिस है या डकैत

उत्तर प्रदेश में कानपुर जनपद के पलकी सी ब्लाक नाहर पुल के पास जेब्रा मोबाइल के दो सिपाहियों ने ट्रक के क्लीनर को मात्र 50 रुपये की वसूली को लेकर पीट-पीट कर मार डालाजेब्रा मोबाइल के सिपाहियों ने ट्रक के ड्राईवर इरशाद को वसूली के लिये पीटना प्रारंभ कर दिया तो उसे बचाने के लिये ट्रक का क्लीनर 35 वर्षीय सियाराम कुशवाहा दौड़ा तो दोनों सिपाहियों ने उसे पीट-पीट कर मार डालादोनों सिपाही लाल सिंह और सुरेन्द्र के खिलाफ ट्रक ड्राईवर ने पलकी थाने में ऍफ़.आई.आर दर्ज कराई
उक्त ट्रक का नंबर एच आर 38 बी 0728 है जिससे दस मिनट पहले पलकी ब्लाक रोड पर तैनात सिपाहियों ने एंट्री के नाम पर 50 रुपये ले लिये थे ट्रक 500 मीटर भी नहीं चला होगा की जेब्रा मोबाइल के सिपाहियों ने उसे रोक लिया और फिर 50 रुपये मांगने लगे प्रदेश में लगभग हर चौराहों पर यही स्तिथि हैविभाग के उच्चाधिकारी चाहे जो कहें लेकिन वस्तुस्तिथि यह है कि चौराहे-चौराहे वर्दी पहन कर राहजनी हो रही हैउत्तर प्रदेश .डी.जी.पी कानून व्यवस्था बृजलाल सरकार की प्रतिनिधि की हैसियत चाहे जो स्टेटमेंट जारी करते हैं लेकिन पुलिस विभाग से ही सबसे ज्यादा अपराध हो रहे हैं और समुचित कार्यवाई नहीं हो पा रही है राजधानी लखनऊ क्राईम ब्रांच में तैनात सिपाही जावेद ने रायबरेली जनपद के लालगंज कोतवाली अंतर्गत ढाबे पर जमकर उधम मचाया और असलहों से फायरिंग की इसके पूर्व जावेद सिपाही पुलिस अधिकारीयों की नाक का बल था और रायबरेली जनपद में ही स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप का सदस्य थास्पेशल ऑपरेशन ग्रुप पुलिस अधीक्षक से जुड़ा हुआ ग्रुप होता है

सुमन
लो क सं घ र्ष !

बुधवार, 31 अगस्त 2011

उत्तर प्रदेश पुलिस में राजनीति

उत्तर प्रदेश पुलिस के महानिदेशक श्री करमवीर सिंह की सेवानिवृत्ति के बाद डी.जी आर.के तिवारी को अतिरिक्त कार्यभार दिया गया हैडी.जी.पी पद पर सत्तारूढ़ दल स्पेशल डी.जी बृजलाल को नियुक्त करना चाहता है किन्तु वह डी.जी पद पर प्रोन्नत नहीं हैं इसलिए सियासी तिकड़म के तहत डी.जी पी.एस.सी को अतिरिक्त कार्यभार दे दिया गया जो आगामी 30 सितम्बर को सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं रणनीति के तहत सत्तारूढ़ दल इसी एक माह में बृजलाल को डी.जी पद पर प्रोन्नत करा देगा और 30 सितम्बर के बाद डी.जी.पी के पद पर बृजलाल को नियुक्ति दे दी जाएगीकल शाम को डी.जी एंटी करप्शन अतुल को पुलिस महानिदेशक पद पर नियुक्त तय माना जा रहा था उनको बधाइयाँ भी मिलनी शुरू हो गयी थी
इस तरह से डी.जी बृजलाल सबसे जूनीयर अधिकारी होने के बाद भी उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक होंगेइसके पूर्व भी सत्तारूढ़ दल ने रणनीति के तहत पुलिस महानिदेशक पद पर वी.के.वी नायर को प्रदेश का महानिदेशक नियुक्त किया थाइसके खेल पीछे का खेल यह होता है सबसे जूनीयर अधिकारी को मुख्य अधिकारी नियुक्त कर देने से वह अधिकारी राजनीतज्ञों के हाथ की कठपुतली बना रहता है और राजनीतज्ञ अपने इशारे पर जिस तरह से चाहें उसको संचालित करें और यहीं से शुरू होता है विभाग का राजनीतिकरण ऐसे प्रोन्नत पाए हुए अधिकारीयों से किसी भी तरह के न्याय की आशा नही की जा सकती हैऐसे अधिकारी सत्तारूढ़ दल के रैली जुटाने से लेकर चुनावों में सत्तारूढ़ दल के उम्मीदवारों के लिये चुनाव प्रचार तक करते रहते हैंउनकी निष्ठा जन गण मन में नहीं होती हैउनकी मात्र निष्ठा अपने भाग्य विधाता में ही होती है

सुमन
लो क सं घ र्ष !

गुरुवार, 2 जून 2011

बृजलाल: तुम्हारी कानून व्यवस्था में मंत्री से भी घूस दिलाने के लिये कहा जाता है

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिये पुलिस महानिदेशक पद पर वरिष्ठ आई.पी.एस अधिकारी बृजलाल तैनात हैं और प्रत्येक मामले में उनके अखबारी दावे प्रकाशित होते रहते हैं प्रदेश में इस समय कानून व्यवस्था की सबसे बदतर स्तिथि है पुलिस अभी तक पीड़ित व्यक्तियों से और मोटर वाहनों से वसूली के लिये प्रसिद्द थी अब वह समय गया है कि सिपाही मंत्री से कहता है कि खर्चा पानी दिला दीजिये
बाराबंकी जनपद में सफदरगंज थाने के औलिया लालपुर के निवासी खादरापुर के सदस्य क्षेत्र पंचायत सुनील कुमार के कुछ पेड़ आंधी तूफ़ान में गिर गए थे कीमती लकड़ियाँ वह कटवा रहे थे कि थाना सफदरगंज के सिपाही योगेन्द्र सिंह मौके पर पहुंचा और सुनील को धमकाते हुए खर्चा पानी की मांग की इससे पहले यही सिपाही सुनील से दो कुंतल लकड़ी धमका कर ले जा चुका था पुलिस की इस कारगुजारी से अजीज होकर सुनील ने प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री डॉ संग्राम सिंह को मोबाइल मिलाया और घटना की जानकारी दी मंत्री ने सिपाही को मोबाइल देने के लिये कहा जिस पर सिपाही ने मोबाइल पर बात करते हुए मंत्री से कहा खर्चा पानी दिला दो और कोई बात नहीं होगी इस बात की शिकायत मंत्री ने पुलिस अधीक्षक बाराबंकी से की जिस पर उक्त सिपाही को निलंबित कर दिया गया और घटना की जांच सी सादर को सौंपी गयी
प्रदेश में पुलिस विभाग ने जनता से धन वसूली के लिये विभिन्न मद बना रखे हैं और बगैर धन दिए कोई कार्य नहीं हो सकता है कानून का उपयोग उच्च पुलिस अधिकारियो के जानकारी में होते हुए भी धन वसूली के लिये ही किया जाता है कानून का उपयोग कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये नहीं है अपितु जनता से धन वसूली के लिये है सरकार जितना टैक्स जनता से लिखा पढ़ी में वसूलती है उससे कहीं कई गुना की धन वसूली पुलिस विभाग करता है और जब पुलिस विभाग की यह स्तिथि है तो प्रदेश में क्या हो रहा होगा

सुमन
लो क सं घ र्ष !

सोमवार, 9 मई 2011

उत्तर प्रदेश पुलिस की दरिन्दिगी देख कर नादिर शाह व तैमूरलंग भी शरमाया होगा

किसानो का खरगोश की तरीके से शिकार करने के लिये मुस्तैद पुलिस

भूमि अधिग्रहण के विरोध में किसानो के आन्दोलन को कुचलने के लिये सरकारी अमले में ग्रेटर नोएडा के भट्ठा पारसोल गाँव में अंग्रेजो को भी मात देते हुए किसानो की खड़ी फसल में आग लगा दी है विपक्षी दलों के नेताओं को गिरफ्तार कर लिया गया है विशेष पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था बृजलाल ने 6 अन्य किसान नेताओं के ऊपर गिरफ्तारी लिये इनाम घोषित किया है जबकि इसके विपरीत प्रदेश में आये दिन हो रहे बड़े-बड़े हत्याकांडो में पुलिस की भूमिका निरर्थक साबित हो रही है राजधानी में डॉक्टर वी.पी सिंह हत्याकांड में पुलिस कोई कार्यवाई नहीं कर पा रही हैं क्योंकि उसमें सत्तारूढ़ दल के नेताओं के भ्रष्टाचार का भी मामला छिपा हुआ है पुलिस फिर कैसे कोई कार्यवाई करे रूसी नाटकार चे ख्येव द्वारा लिखित नाटक गिरगिट में जो पुलिस की भूमिका है वही भूमिका उत्तर प्रदेश पुलिस की वर्तमान दौर में है चूंकि मामला किसानो से सम्बंधित है इसलिए पुलिस ने तमाम सारे गाँव में तोड़फोड़, आग लगाना, बीमारों वृद्धों को पीटना, गिरफ्तार लोगों को जम कर पीटना, घरेलू सामानों को नष्ट कर देना आज के सरकार की लोकतांत्रिक न्याय पर आधारित व्यवस्था का कार्यक्रम जारी है
अब सरकारों में इस बात की होड़ लगी हुई है कि हम हिन्दुस्तानी अपनी जनता को किस कदर लूट कर नादिर शाह, तैमूरलंग, चंगेज खां को पीछे छोड़ दें और यह लोग शरमाएं की इतना तो हम भी भारत की जनता के साथ नहीं कर पाए

सुमन
लो क सं घ र्ष !
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