मंगलवार, 13 अक्तूबर 2009

सभ्य समाज के ऊपर तमाचा

उत्तर प्रदेश में आतंकवाद के नाम पर फर्जी गिरफ्तारियों को लेकर सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायधीश . डी. निवेश कमेटी का गठन किया था गिरफ्तारियों की जांच से आतंकवादी फर्जी गतिविधियाँ रुक गयीं तथा फर्जी एनकाउंटर्स भी लगभग बंद से हो गए कचेहरी सीरियल बम्ब विस्फोट कांड के अभियुक्त मोहम्मद खालिद मुजाहिद की गिरफ्तारी 22 दिसम्बर 2007 को बाराबंकी रेलवे स्टेशन पर आर. डी. एक्स ड़िकोनेटर की बरामदगी के साथ दिखाई गई थी सूचना के अधिकार के तहत 15 सितम्बर 2009 को क्षेत्राधिकारी पुलिस मड़ियाहूँ जिला जौनपुर ने लिखित रूप से सूचना दी है कि 16-12-2007 को शाम 6:30 बजे एस टी एफ द्वारा खालिद मुजाहिद को मड़ियाहूँ बाजार जिला जौनपुर से गिरफ्तार किया था जो अपराधिक मामला बनता है इसलिए आगे की सूचना नही दी जा सकती हैइस तरह से यह पुलिस विभाग ने ही साबित कर दिया है कि खालिद मुजाहिद को 16-दिसम्बर-2007 को मड़ियाहूँ बाजार जिला जौनपुर से गिरफ्तार किया गया थाअब सवाल यह उठता है कि २२ दिसम्बर 2007 को बाराबंकी स्टेशन पर जो गिरफ्तारी दिखाई आर डी एक्स ड़िकोनेटर के साथ दिखाई गई है वह फर्जी है जब खालिद मुजाहिद एस टी एफ कि अभिरक्षा में था तो किन पुलिस अधिकारियो ने उसके पास आर डी एक्स ड़िकोनेटर दिखाया और उक्त दोनों बरामदशुदा सामान वह लोग कहाँ लाये यह जांच का महत्वपूर्ण विषय हैनिवर्तमान पुलिस महानिदेशक के समय में आए दिन अखबारों में आतंकवाद से खबरें भरी होती थी और हद तो यहाँ तक हो गई थी कि कलकत्ता में चोरी के मामले में निरुद्ध व्यक्ति को लखनऊ में आर डी एक्स सप्लाई करते हुए दिखाया गया था । आज जरूरत इस बात कि है कि निवर्तमान पुलिस महानिदेशक के समय में आतंकवाद के नाम पर गिरफ्तारियां की गई है और एनकाउंटर किए गए है उनकी जांच सरकार को अवश्य करनी चाहिए । जांच इसलिए आवश्यक है कि सभ्य लोकतांत्रिक समाज में किसी भी व्यक्ति को फर्जी कहानी गढ़ कर कारागार में निरुद्ध कर देना सम्पूर्ण मानवता के साथ अपराध है और किसी भी आदमी को घर से पकड़ कर गोली मारकर हत्या कर देना और मुठभेड साबित करना भी सभ्य समाज के ऊपर तमाचा है ।

सुमन
loksangharsha.blogspot.com

4 टिप्‍पणियां:

Mumukshh Ki Rachanain ने कहा…

आज के दिन में सभ्य समाज रह ही कहाँ गया है. अगर गुंडा गर्दी, आतंकवाद, समाज में व्याप्त है, कानून का भय नहीं है यो वस्तुतः सभ्य समाज के मुंह पर तमाचा यह है.......
यदि सरकार मुठ्ठी भर इन समाज विरोधी तत्वों का जड़ से सफाया नहीं कर सकती तो उसे बहुसंख्यक सीधे-सादे लोगों पर भी हुकूमत और कानून व्यवस्था के नाम पर जोर जबरदस्ती करने का हक नहीं बनता. समाज के लोग सब की कारस्तानी जानते और समझते हैं, पर दर के मरे मुंह सिल कर रखते हैं , की मुंह खोला तो सर्कार से संरक्षण मिलाना तो दूर अपना और अपने परिवार पर संकट के बदल घिर आयेंगे और.....

वस्तुतः समाज में व्याप्त यह भय ही सभ्य समाज के अस्तित्व को नकारता है.............

चन्द्र मोहन गुप्त
जयपुर
www.cmgupta.blogspot.com

कमलेश वर्मा ने कहा…

shriman ji aap bar.2 chin ki taraf dari me kaseede padhte rhte hain ,ab dr man mohan singh ke arunachal ke daure par chin ki prtikirya ko kya kahoge???

Mishra Pankaj ने कहा…

nice

Suman ने कहा…

bhai kamlesh ji ,
chin ki pratikriya mujhe nahi maloom kintu main itna jaroor kahunga ki agar arunchal ko usne apna chetr bataya hai to Bejing ko bharat ka hissa bata dene mein koi dikkta nahi hai yah sab kootnitik rajnitik ladaiyaan hai. american samrajyvaad k sath hai to vo bhi aap k paramparagat vipakshi pakistan ko madad karta hai jab ki pakistan american samrajyvaad ka sirf pitthu hai samrajywadiyo k khilaaf rajnitik roop se bharat chin roosh ko ek manch par aana chahiye yahi hamare aap k liye acchi baat hogi . samrajyvaadi chahe american ho chahe british isse hamara aapka bhala nahi hone wala hai

vicharon ka aadan pradaaan avashyak hai

thank u