गुरुवार, 26 अगस्त 2010

जरा सामने तो आओ छलिए : बेनामी जी

बेनामी"> बेनामी ने का…

अगर भगवा आतंकवाद आ भी गया है तो क्‍या हुआ । तुमने कसर कौन छी छोडी थी जो अब हिन्‍दू कसर छोडे । जिस दिन हिन्‍दू आतंकवाद सच में आ गया, समझ लो तुम जैसों की खटिया खडी हो गई । बडे आये भगवा आतंकवाद बताने वाले । इन कमीने विधर्मियों ने हिन्‍दुओं के सामने रास्‍ता ही कौन सा छोडा है ,
हमारे घर में घुसकर कोई हरामी बस हाँथ उठा कर जोर से उपर देखकर चिल्‍ला दे तो हो गया हमारा घर उसका इबादतगाह ।
कितने हिन्‍दू बेचारे पाक में जानवरों से भी बदतर जीवन जी रहे हैं पर उनकी तो नहीं कहेगा कोई । उधर देखने के पहले ही आंखें फूट जाती हैं तुम सब की ।
अब वहाँ हिन्‍दू अल्‍पसंख्‍यक हैं तो इसलिये उनकी गलती और यहाँ वो बहुसंख्‍यक हैं तो भी इनकी ही गलती । वाह क्‍या दोगलेपन वाली बात कही है ।
एक बाबरी के गिर जाने पर सब हरमकट्ट बवाल काट रहे हैं , हिन्‍दू आतंकवाद बता रहे हैं और बांग्लादेश, पाकिस्‍तान , अफगानिस्‍तान और अन्‍य कई मुगलदेशों में प्राचीन हिन्‍दू मंदिर गिरा दिये गये उनके लिये सब भडुए मर गये हैं, किसी को भी इसपर कुछ नहीं कहना है ।
बहुत अच्‍छा हो अगर इसबार भी कोई ऐसा ही किसी आक्रांता द्वारा बनवाया हुआ इमारत तोड दिया जाए और फिर बवाल हो जाये ।
हम जानते हैं अभी कई कमीने मेरी इस टिप्‍पणी पर मरने वाले हैं, पर एक हाँथ से कभी ताली बजी है क्‍या, अगर ये बद्तमीज हमें कुछ भी कहने का अधिकार रखते हैं तो हम भी बोलेंगे, मुह खोलकर और दिल खोलकर बोलेंगे ।
बडे आये भगवा आतंकवाद बताने वाले
तेरे जैसे ही लोगों की वजह से और हिन्‍दू मुस्लिम दंगे होते हैं । तु इसका सबसे बडा जिम्‍मेदार है ।
तुझे तेरा खुदा भी माफ नहीं कर पाएगा ।

२५ अगस्त २०१० ६:४५ अपराह्न

<span title=बेनामी"> बेनामी ने कहा…

अबे नीचे वाले नीच बेनामी
तेरे तो पहले से ही डंडा पडा हुआ है तू क्‍या डंडा डालेगा ।
और आने तो दे 15 सितम्‍बर, एक-एक हिजडों के डंडा पड जाऐगा ।
फिर से एक गोधरा हो जायेगा ।
और लग तो रहा है जल्‍दी ही भारत के कुछ राज्‍य हिजडा विहीन होने वाले हैं ।

२६ अगस्त २०१० ११:३३ पूर्वाह्न


लोकसंघर्ष की पोस्ट क्या है भगवा आतंकवाद पर बेनामी जी की कुछ रटी रटाई टिप्पणिया प्राप्त हुई है जो अक्सर चिट्ठाकार जगत में अक्सर दिखाई देती हैं। सबसे पहले उन्होंने यह अपना सवाल उठाया कि हिन्दू आतंकवाद जायेगा तो माफ़ कीजियेगा तो हिन्दू आतंकवाद कोई चीज नहीं होगी। हिन्दुवात्व का आतंकवाद होगा जो एक वर्तमान समय में अमेरिकन साम्राज्यवाद द्वारा पोषित राजनैतिक विचारधारा हैकुछ चिट्ठाकार जगत के लोग सेकुलर गिरोहों का नाम लेते हैं। धर्म आदमी की आस्था और विश्वास की चीज है आस्था और विश्वास का जो लोग चौराहे के ऊपर प्रदर्शन करते हैं वह लोग कभी धार्मिक नहीं होते हैं वह लोग देश की एकता और अखंडता को तोड़ने के लिए धर्म को सड़क पर लाते हैं और फिर लूट पाट करते हैं यह लोग अक्सर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के हितों की अनदेखी की बात करते हैं। पाकिस्तान अमेरिका का चमचा देश है हमारा देश गुटनिरपेक्ष आन्दोलन का नेता रहा है और अब आप जैसे लोगों की बदौलत अमेरिका की चमचागिरी में लग रहा हैअपने ही देश में इंदिरा गाँधी की हत्या के बाद सिख अल्पसंख्यकों का नरसंहार आप ही जैसी विचारधारा के लोगों किया था। चाहे हिन्दुवात्व का आतंकवाद चाहे सिख आतंकवाद हो या इस्लामिक आतंकवाद उसका जनक अमेरिका है। पाकिस्तान या और कोई मुस्लिम देश वह अपने को इस्लामिक देश कहते हैं और हम धर्मनिरपेक्ष देश हैं। हमारी संस्कृति हमारी प्रष्टभूमि अलग है।
और आप तो बेनामी हैं परदे में रहना आपकी आदत है आजादी की लड़ाई में भी आप ब्रिटिश साम्राज्यवाद के साथ थे लेकिन हिन्दुवात्व का पर्दा था टिपण्णी बॉक्स में आप बेनामी हैं। सामाजिक जीवन में आप ब्रिटिश साम्राज्यवाद के एजेंट हैं। हमको अच्छा लगेगा कि पर्दा उतारकर जरा सामने तो आओ छलिये ।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

3 टिप्‍पणियां:

DEEPAK BABA ने कहा…

इन कमीने विधर्मियों ने हिन्‍दुओं के सामने रास्‍ता ही कौन सा छोडा है ,

...........
कुछ येही दर्द हमने भी बयां किया है.

सुज्ञ ने कहा…

कुछ यही दर्द हमने भी बयां किया है.

पढिये एक काव्य में:
http://shrut-sugya.blogspot.com/2010/08/blog-post_26.html

Shah Nawaz ने कहा…

सरकार बात तो आपकी सही है लेकिन आप यह बेनामी का विकल्प बंद क्यों नहीं करते हैं????