बुधवार, 20 अक्तूबर 2010

भ्रष्टाचार के मामले में कांग्रेस व भाजपा - मौसेरे भाई हैं

राष्ट्रमंडल खेलों में जहाँ आयोजन समिति से जुड़े हुए कांग्रेस के नेताओं ने जमकर लूट खसोट की है वहीँ भारतीय जनता पार्टी के नेतागण उसमें हिस्सेदारी करने से चुके नहीं हैं भाजपा उसे जुड़े संघ के नेता हर समय सामाजिक शुचिता आदर्शों की बात करते हैं लेकिन जब-जब मौका मिला हैभ्रष्टाचार की गंगोत्री में जमकर स्नान किया है भाजपा के नेता सुधांशु मित्तल की कंपनी राष्ट्रमंडल खेलों में सात सौ करोड़ रुपयों से अधिक का कार्य कियाउसमें भ्रष्टाचार की जांच के लिए आयकर विभाग ने लगभग 30 ठिकानो पर छापे डाले हैं
राष्ट्रमंडल खेलों में बैडमिंटन स्टेडियम के होवा कोर्ट खरीद में डेढ़ करोड़ रुपये का गबन ही है। केन्द्रीय सतर्कता आयोग ने प्रारंभिक जांच में ही लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की धांधली पकड़ी है। ज्ञातव्य है की आयोजन समाप्ति के बाद तुरंत पूरे देश में एक साथ छापेमारे जाने की तैयारी केन्द्रीय जांच ब्यूरो ने की थी किन्तु सत्तारूढ़ दल के बड़े नेताओं के हस्ताक्षेप के बाद उक्त कार्यवाई स्थगित कर दी गयी थी। संसद के अन्दर सत्तारूढ़ दल और मुख्य विपक्षी दल भाजपा नूराकुश्ती लड़ कर इन घोटालों के ऊपर पर्दा डालने का काम करेगी। देश के अन्दर जिस क्षेत्र में आप नजर डालेंगे वहां पर आर्थिक घोटालेबाजों की फ़ौज ही नजर आएगी। इस तरह से भाजपा कांग्रेस या अन्य पूंजीवादी दल हमेशा भ्रष्टाचार की प्राण वायु से ही जिन्दा हैं।

सुमन
लो क सं घ र्ष !