गुरुवार, 4 अगस्त 2011

भगवा आतंकियों के सामने नेशनल इन्वेस्टिगेसन एजेंसी फ़ेल

मालेगांव विस्फोट से सम्बंधित भगवा आतंकियों की जांच और पैरवी का कार्य राष्ट्रीय स्तर पर गठित नेशनल इन्वेस्टिगेसन एजेंसी की लचर पैरवी के कारण माननीय उच्च न्यायालय मुंबई ने शिव नारायण कलसा नागरा श्याम साहू को एक-एक लाख की जमानतें देने पर रिहा करने का आदेश पारित कर दिया हैभगवा आतंकी असीमानंद के 164 सी.आर.पी.सी के बयान के बाद भी नौ मुस्लिम नवजवानों को अभी तक जमानतें नहीं मिली हैंदेश में भगवा आतंकियों के कारण चार राज्यों में सात बम विस्फोट हुए थे काफी लोग मरे थे
इन विस्फोटो की जांच पैरवी नेशनल इन्वेस्टिगेसन एजेंसी कर रही हैभगवा आतंकी जर्मन नाजीवादी विचारधारा लैस हैं और धार्मिक आधार पर देश की एकता और अखंडता को नुकसान पहुंचाते हैं

सुमन
लो क सं घ र्ष !

3 टिप्‍पणियां:

Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

भगवा के साथ लाल और हरे आतंकवाद पर भी प्रकाश डाल देते !!

Bhushan ने कहा…

भगवा अपने आप में बुरी चीज़ नहीं है परंतु भगवा में लिपटे असामाजिक तत्त्व पहले भी देश को हानि पहुँचाते रहे हैं.

Suresh Chiplunkar ने कहा…

शेखावत जी…
जो लोग स्वयं "सेकुलर बदबू" के अंधेरे कोने में डूबे हुए हों वे "प्रकाश" कैसे डाल सकते हैं?