
पाकिस्तान के पास अमेरिकियों व नाटो सेनाओं से बचने का कोई विकल्प बाकी है तो वह चीन के साथ दोस्ती ही है। चीन की दोस्ती से उसकी लाज शायद ही बच सके क्यूंकि चीन भी उसकी रक्षा करने के लिये युद्ध में जाना पसंद नही करेगा।
साम्राज्यवाद मगरमच्छ है प्रतिदिन उसको भोजन के लिये मगरमच्छ की तरह मांस की आवश्यकता है। साम्राज्यवाद प्राकृतिक स्रोत्रों के दोहन के लिये उसको दुनिया के अधिकांश देशों को गुलाम बनाना उसकी मजबूरी है। भोजन के लिये दोस्त और दुश्मन का फर्क यहीं ख़त्म हो जाता है।
साम्राज्यवाद मगरमच्छ है प्रतिदिन उसको भोजन के लिये मगरमच्छ की तरह मांस की आवश्यकता है। साम्राज्यवाद प्राकृतिक स्रोत्रों के दोहन के लिये उसको दुनिया के अधिकांश देशों को गुलाम बनाना उसकी मजबूरी है। भोजन के लिये दोस्त और दुश्मन का फर्क यहीं ख़त्म हो जाता है।
1 टिप्पणी:
पाकिस्तान भारत से टूटा और क्या क्या हुआ उसके साथ?
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