सोमवार, 25 मार्च 2013

गांधी मार डालो

अमेरिका रूस से इसलिये डरता था कि अगर दुनिया में समाजवाद के विचार का फैलाव हुआ तो एक दिन अमरीका के लोग भी पूंजीवाद को उखाड फेंकेंगे . इसलिये अमरीका ने रूस के समाजवादी स्वरूप से घबरा कर ओसामा को भडकाया कि देखो रूस तो कम्युनिस्ट है और नास्तिक है .देखो ये तुम्हारे अल्लाह को भी नहीं मानता, इसलिये तुम इससे लड़ो और हम इसके लिये आपको हथियार और ट्रेनिंग देंगे . फिर रूस के टुकड़े होने के बाद अमरीका ने अपने उसी प्यादे ओसामा को आतंकवादी कह कर मार डाला और अपने सारे पाप छुपा लिये .
इसी तरह ब्रिटेन ने भारत में हिन्दू महासभा और संघ को खड़ा किया था और उन्हें भडकाया था कि देखो गांधी हिंदुओं का अहित कर रहा है इसे मार डालो .

गांधी की हत्या में गोडसे के साथ जिस दूसरे आदमी को सज़ा हुई थी उसका नाम नाना आप्टे था. वह ब्रिटिश गुप्तचर संगठन का एजेंट था और उसे इस काम के लिये नियमित पैसे मिलते थे . वह एक दुश्चरित्र व्यक्ति था उसने एक सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली बच्ची के साथ शारीरिक सम्बन्ध बनाये जिसके फलस्वरूप वह बालिका गर्भवती हो गई थी .

गांधी को मारने में भले ही गोली गोडसे ने चलाई थी लेकिन उसका गुरु नाना आप्टे ही था .

गांधी की हत्या ब्रिटिश गुप्तचर संगठन ने इसलिये करवाई थी क्योंकि गांधी ने बिहार और बंगाल के दंगे जादुई तरीके से शांत करवा दिये थे . और इसके बाद गांधी ने घोषणा की  थी कि अब वे भारत से हिंदुओं को वापिस पकिस्तान लेकर जायेंगे और पकिस्तान से मुसलमानों को वापिस भारत लेकर आयेंगे .और इस बंटवारे को वो नहीं मानेंगे .

गांधी की इस योजना से अंग्रेज घबरा गये . क्योंकि पकिस्तान को तो पश्चिमी साम्राज्यवादी खेमे ने अरब के तेल क्षेत्र और एशिया पर अपना दबदबा बनाये रखने के लिये एक फौजी अड्डे के रूप में बनाया था . उन्हें लगा कि गांधी हमारा बना बनाया खेल बिगाड़ सक्ता है . इसलिये उन्होंने अपनी ही पैदाइश हिन्दू महासभा और संघ में अपने लोगों को गांधी को खत्म करने का आदेश दे दिया .
 
 -हिमांशु कुमार 

 

1 टिप्पणी:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत सुन्दर प्रस्तुति!
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रंगों के पर्व होली की बहुत-बहुत हार्दिक शुभकामंनाएँ!