गुरुवार, 10 दिसंबर 2015

मोदी का नया गीत अम्बेडकर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय' के मंत्र को अहम बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को अंबेडकर के विचारों के बारे में जानकारी दी जानी चाहिए। मोदी ने कहा कि देश की एकता में अंबेडकर के योगदान को कभी नकारा नहीं जा सकता है
अम्बेडकर  ने 1935 कहा कि ' हमें हिन्दू नहीं रहना चाहिए मैं हिन्दू धर्म में पैदा हुआ यह मेरे बस की बात नहीं थी लेकिन मैं हिन्दू रहते हुए नहीं मरूंगा यह मेरे बस की बात है
 रामास्वामी पेरियार को उन देवताओ को नष्ट कर दो जो तुम्हे शुद्र कहे , उन पुराणों ओर इतिहास को ध्वस्त कर दो , जो देवता को शक्ति प्रदान करते है |
यह तीन बाते  है दो  बाते एक दुसरे की पूरक है तथा मोदी  की बात दोनों बातो के विपरीत है प्रधानमंत्री मोदी का अटूट सम्बन्ध आर.एस.एस.से है |वोटो को प्राप्त करने के लिए  मोदी अम्बेडकर के साथ रहना चाहते है संघ की विचारधारा के विपरीत अम्बेडकर  की  विचारधारा है इसलिए अम्बेडकर ने हिन्दू धर्म छोड़ कर बौद्ध धर्म अपनाया था |संघ अब उद्घोषणा राम मंदिर की कर रहा है वही मोदी अम्बेडकर का जाप शुरु कर दिए है |सामाजिक आर्थिक व राजनैतिक संघर्ष जब तेज होगा तो संघ का राम कमजोर होगा जिसका नतीजा बिहार  चुनाव परिणाम है |संघ ने   अयोध्या में तो मस्जिद तोड़वा दी ,  राम को तिरपाल में कर दिया.  अम्बेडकर वादी शक्तिया अगर तेजी से बढ़ेगी तो संघ के राम तिरपाल में ही बने रहेंगे |अम्बेडकर से आगे रामास्वामी पेरियार तक विचार पहुचेंगे तब संघ के हिन्दुवत्व का क्या होगा ? ज्यादा दिन मुखौटा नही चल सकता है चाहे मुखौटा पटेल का लगाओ या चाहे अम्बेडकर का असली सूरत सामने आ ही जायेगी |वह चेहरा भयानक होगा


रणधीर सिंह  सुमन

1 टिप्पणी:

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक ने कहा…

आपकी यह उत्कृष्ट प्रस्तुति कल शुक्रवार (11.12.2015) को " लक्ष्य ही जीवन का प्राण है" (चर्चा -2187) पर लिंक की गयी है कृपया पधारे। वहाँ आपका स्वागत है, सादर धन्यवाद।