सोमवार, 19 सितंबर 2016

किसान शहीद क्यों नहीं

देश की सीमा पर तैनात आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों की शहादत को  महिमामंडित  किया जाता है और मैं सवाल करना चाहता हूं  कि आखिर लाशों पर राजनीति कौन कर रहा है । अगर सीमा पर लड़ने वाले सैनिक शहीद कहलाए जाते हैं तो देश का पेट भरने वाले किसान की मौत को शहीद का दर्जा क्यों नहीं दिया जाता ।
  यह विचार फैजाबाद में जनसभा को संबोधित करते हुए  जवाहर  
लाल नेहरु विश्वविद्यालय छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा कि देश का दलित साफ करता है जसमाज की गंदगी और स्वच्छ भारत के नाम पर अखबार में छपता है मोदी का थोबड़ा.
जनसभा को संबोधित करते हुए कन्हैया कुमार ने कहा कि समाज की गंदगी और शहर की गंदगी को दलित समाज और पिछड़े समाज के लोग साफ कर रहे हैं और देश को स्वच्छ बनाने के नाम पर स्वच्छ भारत मिशन के नाम पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का थोबड़ा अखबार में छपता है इतना बड़ा पक्षपात हम नहीं सहेंगे और अपने हक की लड़ाई के लिए लड़ते रहेंगे चाहे हम पर कितने भी ज़ुल्म हों ।
मुझे देशद्रोही कहने वाले बताएं जेएनयू के अलावा हैदराबाद,इलाहाबाद और बंगाल की यूनिवर्सिटी में आखिर क्यों उठी विरोध की आवाज,साजिश के तहत मुझे फसाया गया
        जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने कहा जेएनयू में जो कुछ हुआ अगर उसे छोड़ दिया जाए तो मैं सवाल करना चाहता हूं कि आखिरकार हैदराबाद में रोहित वेमुला ने फांसी क्यों लगाई, इलाहाबाद में महिला छात्र नेता के साथ भेदभाव क्यों हुआ इसके अलावा देश के अन्य राज्यों में इस सिस्टम के खिलाफ छात्रों ने आवाज क्यों उठाई अगर अपने हक की लड़ाई लड़ना देशद्रोह है तो हां मैं देशद्रोही हूं ।
हमारी आजादी का मतलब सामंतवाद से,मनुवाद से जातिवाद से धर्मवाद से और गरीबी से आजादी है
कन्हैया कुमार ने कहा कि हम जब आजादी मांगने का नारा लगाते हैं तो हम पर देश विरोधी होने और देश की एकता अखंडता और तोड़ने का आरोप लगता है लेकिन हमारी आजादी का मतलब गरीबी भुखमरी जातिवाद धन और मनुवादी सभ्यता से आजादी है जब तक देश में रहने वाले हर नागरिक को समान अधिकार नहीं मिलेगा तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा भले इसके लिए हमें लाठी और गोली खानी पड़े हम खाएंगे । जनसभा के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता अतुल कुमार सिंह सूर्य कांत पांडे सहित बड़ी संख्या में वामपंथी विचारधारा से लोग जुटे रहे ।

1 टिप्पणी:

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' ने कहा…

आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल बुधवार (21-09-2016) को "एक खत-मोदी जी के नाम" (चर्चा अंक-2472) पर भी होगी।
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चर्चा मंच पर पूरी पोस्ट अक्सर नहीं दी जाती है बल्कि आपकी पोस्ट का लिंक या लिंक के साथ पोस्ट का महत्वपूर्ण अंश दिया जाता है।
जिससे कि पाठक उत्सुकता के साथ आपके ब्लॉग पर आपकी पूरी पोस्ट पढ़ने के लिए जाये।
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

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