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गुरुवार, 5 अक्टूबर 2017

भाजपा का जादू उतर रहा है

दार्जिलिंग में भारतीय जनता पार्टी के पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष पिटाई कर दी जबकि उनके काफिले के कई अन्य लोगों को भी  मारपीट का निशाना बनाया गया. घोष बुधवार से दार्जिलिंग हिल्स एरिया के दौरे पर थे. उनका यहां लगातार विरोध हो रहा था.
दिलीप घोष के काफिले के साथ दार्जिलिंग में पहले धक्का मुक्की हुई. सिर से उनकी टोपी उतार ली गई. बाद में भाजपा नेता के काफिले के लोगों के साथ मारपीट हुई. काफिले के एक भाजपा नेता को विनय तमांग के गुट वाले गोरखालैंड जनमुक्ति मोर्चा के लोगों ने जमकर पीटा.दिलीप घोष  वही है जिन्होंने कहा था पाकिस्तान समर्थित नारेबाजी करने वालों के सिर कलम किये जाएंगे या यह भी कहा था कि 'जय श्रीराम' बोलने से रोका तो होगी पिटाई गुजरात में एक बीजेपी निगम पार्षद हसमुख पटेल की पिटाई का मामला सामने आया है।  लोगों ने बीजेपी पार्षद को पेड़ से बांधकर खूब पीटा है।
केरल में अमित शाह की फोटोशाॅप तस्वीर का इस्तेमाल किया गया जिसमें भारी भीड़ दिखाई गई जबकि वास्तव में यह तस्वीर पोर्न स्टार सनी लियोन की केरल की हाल ही में की गई यात्रा की थी।केरल में योगी और अमित जैन  की लफ्फाजी नही चल पा रही है
इस तरह की घटनाओं सेयह परिलक्षित हो रहा है कि बीजेपी का जादू उतर रहा है और जनता वास्तविक धरातल पर जब देखने कि कोशिश कर रही है तब वह अपने को ठगी हुई महसूस कर रही है. नोट बंदी व जीएसटी का प्रभाव जनजीवन में व्यापक असर दिखा रहा है और जनता का जीना दुरूह हो रहा है. पेड मीडिया व सोशल मीडिया पर जो तस्वीर गुजरात मॉडल व इन नेताओं की महिमा मंडित छवि  बनाई गयी थी  और अब जब उनका वास्तविक चेहरा सामने आ रहा है तब जनता के पास यह सब करने क अलावा कोई विकल्प नही बचता है.यही भाषा इन नेताओ ने जनता को सिखाया  भी था

सुमन 

बुधवार, 6 जुलाई 2016

उघरहिं अंत न होइ निबाहू....


लखि सुबेष जग बंचक जेऊ। बेष प्रताप पूजिअहिं तेऊ॥
उघरहिं अंत न होइ निबाहू। कालनेमि जिमि रावन राहू॥ 
  
जो लोग साधु का भेष धारण करके संसार के लोगों को ठगते हैं जिनके भेष को देखकर संसार उनको पूजता है, परन्तु अंत में एक दिन उनका कपट सबके सामने आ ही जाता है, जिस प्रकार कालनेमि, रावण और राहु का कपट सबके सामने आया था उसी तरह से   नागपुरी मुख्यालय के गोबिल्सों ने देश में लोकतंत्र का अपहरण कर लिया है अब उनकी कलाई खुलने लगी है औरअब वह हर मोर्चे पर पराजित नजर आ रहे हैं.

                                        उत्तर प्रदेश से भारतीय जनता पार्टी के पास 71 लोकसभा सदस्य हैं. पूरे प्रदेश से 80 लोकसभा सदस्य चुने जाते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर जातीय समीकरण बैठाने के लिए केन्द्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल किया गया है. इस कार्य के विश्लेषण से यह लगता है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र दामोदर मोदी व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित जैन शाह को मीडिया द्वारा पैदा किये हुए जादू के ऊपर विशवास नहीं रह गया है.
जिन नारों और जिन घोषणाओं के आधार पर उत्तर प्रदेश से 71 लोकसभा सदस्यों का चुनाव जीता जाना एक सम्मोहन पूर्ण स्तिथि का होना था. अब न वो वायदे रहे न वो नारे रहे और सम्मोहन भी टूटा है. ऐसी स्तिथि में जब नरेन्द्र दामोदर मोदी और अमित जैन शाह की कार्यकुशलता आ चुकी है तो उनका विशवास पूरी तरह से खंडित हो रहा है. 
             उनके पास संघ द्वारा अफवाहों को उड़ाने की मशीन और उसके पश्चात प्रदेश में सांप्रदायिक उन्माद के अलावा कोई बात बची नहीं है. महंगाई, बेरोजगारी, शोषण, अत्याचार को रोकने की दिशा में मोदी सरकार एक कदम भी आगे नहीं बढ़ी है और उसके विपरीत रेलवे के किराए में जिस तरीके से आये बढ़ोत्तरी की जा रही है वह एक तरह से लूट की किस्म का अपराध भी है. आत्महत्या कर रहे किसान को मोदी सरकार को देने के लिए कुछ नहीं बचा है तो विदेशी कंपनियों द्वारा किसानो से जबरदस्ती पैसा लेकर फसल बीमा योजना जरूर करायी जा रही है. सरकार के पास बीमा के अतिरिक्त कोई बात नहीं है वैसे भी संघ के स्वयं सेवक ज्यादातर जीविकापार्जन करने के लिए बीमा एजेंट रहे हैं तो उनका सिर्फ एक ही उद्देश्य है कि वर्तमान में भूखे मर जाओ और मरने के बाद वारिसों को धन मिलेगा और तुमको स्वर्ग. 
      देश के कल्याणकारी स्वरूप को बदल कर कॉर्पोरेट सेक्टर के मुनाफे को बढाने के लिए केंद्र की सरकार कटिबद्ध है जुलाई में सरकारी कर्मचारियों की हड़ताल की घोषणा की जा चुकी है इस बदहाली की स्तिथि में गेरुआ या भगवा आतंकियों के लिए नया मुखौटा फिलहाल नहीं मिल पा रहा है. 

सुमन 

गुरुवार, 17 दिसंबर 2015

तोता बोला राम-राम

 पिंजरे में कैद तोते ने अमित शाह को जमानत न देने वाली जस्टिस अभिलाषा की बहन मीनाक्षी जा शादी के मंडप में बैठी हुई थी तो छापा डाला ताकि प्रतिशोध का एक चरण पूरा हो सके और शक्ति का प्रदर्शन किया. मीनाक्षी हिमांचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र की पुत्री हैं, जिनके ऊपर लगे भ्रष्टाचार के आरोप की जांच सी बी आई कर रही है.
छापे का वक्त जानबूझकर वही वक्त चुना गया था. यह शक्तिशाली अध्यक्ष ने बेइज्जत करने के लिए यह कार्यवाई करायी थी. कभी भी कोई व्यक्ति मर गया है या इस तरह के कार्य हो रहे होते हैं तो कार्यवाईयां अपरिहार्य स्तिथि को छोड़ कर नहीं की जाती हैं. दूसरी घटना दिल्ली के मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार के कार्यालय व घर पर छापा दाल कर मुख्यमंत्री को कड़ा सन्देश दिया गया है. यह सन्देश देश के अन्य मुख्यमंत्रियों के लिए भी है. वहीँ, अरुणाचल विधानसभा सील कर दी गयी है. यह सब कार्य सत्ता के नए शक्ति संतुलन को स्थापित करने का प्रयास हैं. कुछ दिन पूर्व सुप्रीम कोर्ट ने भी यूपीए शासनकाल में सीबीआई को पिंजरे में बंद तोता कहा था.इसी तोते को न्यायमूर्ति आई ए अंसारी और न्यायमूर्ति इंदिरा शाह की खंडपीठ ने नवेंद्र कुमार नाम के व्यक्ति की रिट याचिका पर सन 2007 में असंवैधानिक घोषित किया था तब माननीय उच्चतम न्यायलय ने उस आदेश को स्थगित कर दिया था और आज भी सी बी आई के स्थापन को संसद द्वारा पारित नहीं कराया गया है.
वहीँ, वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस संगठन के सम्बन्ध में 24 जून 2013 को एक ट्वीट में कहा था, "सीबीआई कांग्रेस ब्यूरो ऑफ़ इनवेस्टिगेशन बन गई है. राष्ट्र को इसमें भरोसा नहीं है. मैं केंद्र सरकार से कहता हूँ कि हमें सीबीआई का डर न दिखाए." नरेंद्र मोदी ने कहा था, "यह दुखद है कि राजनीतिक विपक्षियों पर निशाना साधने के लिए केंद्र सीबीआई से आईबी अधिकारियों की पूछताछ करवाकर सरकार ख़ुफ़िया तंत्र को कमज़ोर कर रही है."  मोदी ने कहा था, "कांग्रेस राष्ट्र को विदेशियों को सौंप रही है. ज़्यादातर पार्टियां एफ़डीआई के विरोध में हैं लेकिन सीबीआई की तलवार के चलते कुछ ने मतदान नहीं किया और कांग्रेस पिछले दरवाज़े से जीत गई." 
 वहीँ, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने 13 अप्रैल 2013 को अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर को ट्विटर पर साझा करते हुए कहा था, "यह बहुत ही गंभीर मामला है. ये प्रधानमंत्री को बचाने के लिए केंद्र सरकार के सीबीआई पर दबाव का सबूत है."
विपक्ष में रहते हुए भाजपा नेता मुख़्तार अब्बास नक़वी ने जुलाई 2013 में कहा था कि 'कांग्रेस आतंकवादी की मौत पर मातम के लिए सीबीआई के कंधे का इस्तेमाल कर रही है.' दबाव की राजनीति में सी बी आई के इस्तेमाल पर बसपा अध्यक्ष मायावती ने सितंबर में कहा था कि सीबीआई के अधिकारियों ने उनसे जाँच के सिलसिले में संपर्क किया था. उन्होंने कहा था कि बीजेपी उन पर दबाव बनाना चाहती है लेकिन वो डरने वाली नहीं हैं. कुछ लोग अति उत्साह में सी बी आई को स्वायत्तशासी सस्ता के रूप में बनाना चाहते हैं वह भी अतिसंयोक्ति बात होगी. वह यह नहीं सोचते हैं की क्या सी बी आई भ्रष्टाचार रहित संस्था है और जांच का तरीका भी उसका वाही तरीका है जो आम पुलिस जन टार्चर कर गलत को सही और सही को गलत साबित करने में करते हैं. भाजपा नेताओं जो हर समय आदर्श, नैतिकता व शुचिता की बात करते हुए नहीं थकते थे वह लोग जराजेटली के  डीडीसीए घोटाले की जांच सी बी आई से ही करा लें।  एसएफआईओ की जांच में यह पाया है कि 2002 और 2007 के बीच फिरोजशाह कोटला स्टेडियम के पुनर्निमाण के खचे में 90 करोड़ की बढोत्तरी हुई।शुरूआती बजट 24 करोड़ रूपये का था लेकिन इस पर 114 करोड़ रूपये खर्च हुए।लेकिन जांच नहीं होगी. तोता तोता ही रहेगा. हिन्दू का घर हैं तो राम-राम , मुसलमान का घर है तो सलाम. अगर स्वतन्त्र है तो सभी फलों  को छेद कर पकने नहीं देगा यही उसकी नियत है और स्वभाव. 
 रणधीर सिंह  सुमन
लो क सं घ र्ष !
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