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बुधवार, 11 अप्रैल 2018

कार्ल मार्क्स के अनमोल विचार

  
दुनिया के मजदूरों एकजुट हो जाओ, तुम्हारे पास खोने को कुछ भी नहीं है सिवाय अपनी जंजीरों के। हर किसी से उसकी क्षमता के अनुसार, हर किसी को उसकी जरूरत के अनुसार-
  • इतिहास खुद को दोहराता है, पहले एक त्रासदी की तरह, दूसरे एक मजाक की तरह।                     
  • कोई भी जो इतिहास की कुछ जानकारी रखता है वह ये जानता है कि महान सामाजिक  बदलाव बिना महिलाओं के उत्थान के असंभव हैं। सामाजिक प्रगति, महिलाओं की सामजिक स्थिति, जिसमें बुरी दिखने वाली महिलाएं भी शामिल हैं, को देखकर मापी जा सकती है।                 
  • लोकतंत्र समाजवाद का रास्ता है।         
  • पूँजी मृत श्रम है, जो पिशाच की तरह केवल जीवित श्रमिकों का खून चूस कर जिंदा रहता है, और जितना अधिक ये जिंदा रहता है उतना ही अधिक श्रमिकों को चूसता है।दुनिया के मजदूरों एकजुट हो जाओ, तुम्हारे पास  खोने को कुछ भी नहीं हैए सिवाय अपनी जंजीरों के। कार्ल मार्क्स धर्म मानव मस्तिष्क जो न समझ सके उससे निपटने की नपुंसकता है। 
  • शासक वर्ग को कम्युनिस्ट क्रांति के डर से कांपने दो। मजदूरों के पास अपनी जंजीरों के आलावा और कुछ भी खोने को नहीं है। उनके पास जीतने को एक दुनिया है। सभी देश के कामगारों एकजुट हो जाओ।    
  • मेरा भी मालिकाना होगा कब्जा होगा हम सबका- बार्सिलोना हाबिक मोसान मैनचेस्टर के कपड़ा मिलों पर अगर नहीं, तो नहीं!       
    (अनुवाद-दिगम्बर)

-गोपाल मिश्रा
लोकसंघर्ष पत्रिका अप्रैल 2018 विशेषांक में प्रकाशित 

सोमवार, 2 अप्रैल 2018

कार्ल मार्क्स





दीन-हीन लोगों को संघर्षों का पाठ पढाया,
जिसके विचारों से दुनिया ने इन्कलाब अपनाया.
समता के रस्ते पर जिसने पहला कदम बढाया,
घोर तिमिर से घिरी थी दुनिया दीपक एक जलाया.
           जिसने विचारों और कलम से लड़ी है एक लड़ाई.
           ऊँच-नीच और रंग भेद की पाटी सारी खाई.
सत्ता में तय जिसने कर दी सबकी भागीदारी,
जो भी पूँजी राष्ट्र की होगी, होगी सब सरकारी.
दुनिया को सामंतवाद का रोग लगा था भारी,
कैपिटल लिख कर ख़त्म किया इतनी भारी बीमारी.
          साम्यवाद के ख़त्म होने का जो दावा करते हैं,
          उनको शायद पता नही सिद्धांत कहाँ मरते हैं?
पूँजीवाद के मकड़जाल में फंसा है यह संसार,
धरती पर कोहराम मचा है लाशों का व्यापार.
धर्म और गुटबाजी में है बंटा हुआ संसार,
आग का दरिया डूबकर इसको करना होगा पार.
           दो वर्गों में बंटा हुआ है यारों ये संसार,
         एक अमीरी-एक गरीबी, बाकी सब बेकार.






 -डॉ बशर आज़मी
मो. 9984145683
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