हम जिसका ख्वाब सजाएँ है, वो सुर्ख सवेरा आयेगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर, तूफान नही रूक पायेगा ।
ये जनता भोली-भाली है,
वादों पे यकीं कर लेती है ।
जन्तर से मदारी के यारो,
अपनी झोली भर लेती है ।
जादू के जोर से सोचता है,
सपना पूरा हो जाएगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर,
तुफान नही रूक पायेगा ।
तकदीर को किसके हाथ मे दे,
तुम लम्बी तान के सोए हो ।
कल अच्छे दीन आ जायेंगे,
झूठे सपनो मे खोए हो ।
तुम अपनी हिफाजत आप करो,
जो होगा देखा जायेगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर,
तुफान नही रूक पायेगा ।
फिर खूं की गर्दिश तेज करो,
जागो उठो अंगड़ाई लो,
इन सारे जमाखोरो से,
तुम सब आना पाई लो।
जब मिल के लड़ोगो ऐ लोगो,
फिर हक भी तेरा मिल जायेगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर, तुफान नही रूक पायेगा ।
हम जिसका ख्वाब सजाए है,
वो सुर्ख सवेरा आयेगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर, तूफान नही रूक पायेगा ।
ये जनता भोली-भाली है,
वादों पे यकीं कर लेती है ।
जन्तर से मदारी के यारो,
अपनी झोली भर लेती है ।
जादू के जोर से सोचता है,
सपना पूरा हो जाएगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर,
तुफान नही रूक पायेगा ।
तकदीर को किसके हाथ मे दे,
तुम लम्बी तान के सोए हो ।
कल अच्छे दीन आ जायेंगे,
झूठे सपनो मे खोए हो ।
तुम अपनी हिफाजत आप करो,
जो होगा देखा जायेगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर,
तुफान नही रूक पायेगा ।
फिर खूं की गर्दिश तेज करो,
जागो उठो अंगड़ाई लो,
इन सारे जमाखोरो से,
तुम सब आना पाई लो।
जब मिल के लड़ोगो ऐ लोगो,
फिर हक भी तेरा मिल जायेगा ।
रोकेगा जमाना लाख मगर, तुफान नही रूक पायेगा ।
हम जिसका ख्वाब सजाए है,
वो सुर्ख सवेरा आयेगा ।
-डॉ बशर आज़मी
मो. 9984145683


