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शुक्रवार, 24 जनवरी 2014

देश को कसाईखाना मत बनाइये

गोरखपुर में नरेन्द्र मोदी ने बड़े शान से कहा कि गुजरात बनाने के लिए 56 इंच का सीना चाहिए तो वहीँ वाराणसी में मुलायम सिंह यादव ने कहा कि यूपी को गुजरात नहीं बनने देंगे। नरेन्द्र मोदी का सीना बड़ा विशाल है कि भारत के एक बड़े नरसंहार का दायित्व उन्ही पर था जिसे उन्होंने खूबसूरती से निर्वाह किया था लेकिन गुजरात न बनने देने के योधा मुलायम सिंह यादव की पार्टी की सरकार ने 2013 में मुजफ्फरनगर में हुए नरसंहार के पश्चात गुजरात का मुकाबला कर लिया है . यदि दोनों में से कोई प्रधानमंत्री बनता है तो यह देश नहीं कत्लगाह बन जायेगा . गुजरात में शराब बंद है किन्तु सबसे ज्यादा सुलभ पदार्थ शराब हर जगह उपलब्ध है और बड़े-बड़े शराब माफिया गुजरात में हैं. वहीँ, उत्तर प्रदेश में मायावती सरकार की उपज पोंटी चड्ढा शराब व्यवस्था आज भी लागू है. पोंटी चड्ढा शराब व्यवस्था में उत्तर प्रदेश में जो भी मुख्यमंत्री होगा उसको सीधे-सीधे लाभ होता है. उत्तर प्रदेश में 127 दंगे इस कार्यकाल के दौरान हो चुके हैं. गुजरात में नरेन्द्र मोदी के अन्यायों खिलाफ कोई बोलने को तैयार नही है. उसी तरह उत्तर प्रदेश में सपा की गुंडागर्दी के आगे कानून और न्याय नाम की कोई चीज नही रह गयी है . नरेन्द्र मोदी की छवि निर्माण का काम अम्बानी के स्वामित्व वाले टीवी चैनल कर रहे हैं तो उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ दल को भी अम्बानी ग्रुप का समर्थन प्राप्त है . इसीलिए दोनों जगहों का चरित्र अल्पसंख्यक विरोधी है उत्तर प्रदेश में बहुसंख्यक आबादी को यह एहसास कराया गया है कि प्रदेश में मुसलमान समर्थित सरकार है इसलिए बहुसंख्यकों को कोई लाभ नहीं होना है लेकिन वस्तुस्तिथि इसके विपरीत है अल्पसंख्यकों का जितना नुकसान इस सरकार में हो रहा है उतना कभी नहीं हुआ वहीँ गुजरात में इसके उलट बहुसंख्यकों की भावनाओ को गलत तथ्यों के आधार पर अपने पक्ष में कर उनका दमन किया जा रहा है . गुजरात और उत्तर प्रदेश दोनों में दलितों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों की कोई सुनने वाला नहीं है . किसान खेत मजदूर निम्न शहरी वर्ग की हालत बाद से बदतर होती जा रही है वहीँ दोनों राजनीतिक नेता  उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक उन्माद पैदा कर वोट बैंक का निर्माण करने की दिशा में अग्रसर है.

सुमन 

शनिवार, 30 मार्च 2013

समाजवादी पार्टी की अर्थी

कांग्रेस नेता और इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा  ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह पर निशाना साधा है, बेनी ने कहा कि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को यूपी में 40 सीटें मिलेंगी, जबकि मायावती 26 सीटें और बीजेपी को 10 सीटें मिलेंगी बेनी ने आगे कहा कि समाजवादी पार्टी को यूपी में सिर्फ 4 सीटें मिलेंगी क्योंकि समाजवादी पार्टी को चार सीट ही चाहिए कंधा देने के लिए बेनी यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि 2014 के चुनाव के बाद उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी की अर्थी निकलेगी।
ये पहला मौका नहीं है जब बेनी प्रसाद वर्मा ने मुलायम सिंह यादव के खिलाफबोला कि है इसी महीने 16 मार्च को बेनी ने मुलायम को लुटेरा और गुंडा तक कह डाला था, इतना ही नहीं बेनी ने ये आरोप भी लगाए कि मुलायम के आतंकवादियों से रिश्ते हैं इस बयान पर संसद में जमकर हंगामा हुआ। समाजवादी पार्टी ने बेनी के इस्तीफे की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया, आखिरकार बेनी ने अपने बयान पर खेद भी जताया था लेकिन एक बार फिर बेनी के सूर बदल गए हैं और उन्होंने मुलायम सिंह यादव के खिलाफ फिर बोला

गुरुवार, 21 मार्च 2013

बेनी बाबू गलत नहीं कहते हैं।

केन्द्रीय इस्पात मंत्री श्री बेनी वर्मा ने 16 मार्च को गोंडा में कहा था, '...कांग्रेस तुमको नहीं पूछने वाली है। समर्थन दे रहे हो इसलिए पैसा लेते रहो। खूब कमिशन खाओ...परिवार में लुटाओ...विदेश में जमा करो। बेनी प्रसाद वर्मा यह नहीं करेंगे। अपराध और बेईमानी तो तुम्हारा पेशा है। सबसे बड़ा अभिशाप है इस प्रदेश के लिए मुलायम सिंह यादव। मायावती भी लुटेरी थीं लेकिन ये लुटेरा और गुंडा दोनों है। कैसे बचाओगे अपने प्रदेश को। आतंकवादियों से इसके रिश्ते हैं। बेनी प्रसाद वर्मा को मरवा डालोगे तो सौ बेनी प्रसाद पैदा होंगे। अभी तुम्हारा आखिरी कार्यकाल है। तुम क्या डराना चाहते हो। कांग्रेस से हम नहीं डरे, तो तुम तो अभी चुहिया हो।'
 'यदि मैं आतंकवादी हूं तो प्रमाण पेश करें और मुझे जेल में डालें। बेनी प्रसाद वर्मा की औकात ही क्या है, उन्हें मंत्रिमंडल से तत्काल हटाया जाए।'
-मुलायम सिंह यादव, सपा प्रमुख

'मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा। माफी मांगने का सवाल ही नहीं। बाबरी मस्जिद गिराना आतंकवाद था, उसके दोषी कल्याण से मुलायम ने हाथ मिलाया। मेरे इस्तीफे की मांग करने वाले वह कौन हैं?'
-बेनी प्रसाद वर्मा, केंद्रीय इस्पात मंत्री
 
यह भी सच है कि मुलायम सिंह ने बाबरी मस्जिद  ध्वंस के नायक कल्याण सिंह से हाथ मिलाया, साक्षी महाराज की भी जय जयकार की। राजनाथ सिंह को गाजियाबाद से सांसद बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बाबरी मस्जिद ध्वंस से पहले हिंदुत्व वादी शक्तियों को ललकार कर व अयोध्या में गोली चलवा कर हिंदुत्व वादियों को नयी उर्जा प्रदान की थी जिसका परिणाम यह हुआ था की बाबरी मस्जिद ध्वंस हो गयी।  
                          बेनी ने कहा कि उन्होंने अपने बयान में आतंकवाद को किसी भी धर्म से नहीं जोड़ा। बेनी ने कहा, उनका मतलब था कि मुलायम ने कल्याण सिंह को मंत्री बनाया। साक्षी महाराज का साथ दिया। गुजरात दंगों के बाद नरेंद्र मोदी को जिताने के लिए सपा ने गुजरात जाकर चुनाव लड़ा। 
             उत्तर प्रदेश में सपा की रणनीति यह रहती है कि भारतीय जनता पार्टी बढे और मुसलमान अपनी सुरक्षा के लिए समाजवादी पार्टी को वोट देते रहे। इसी नीति के तहत नगर पंचायतों के चुनाव में भाजपा को वाक ओवर देकर अधिकांश जगहों पर उसके प्रत्याशियों को जिताने में सपा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बाराबंकी जनपद में कभी भी नगर पालिका परिषद में भाजपा का अध्यक्ष नही हो पाया था लेकिन इस बार भाजपा का अध्यक्ष चुनाव जीता है। सपा के एक साल के शासन में सत्ताईस दंगे हो चुके हैं।
                    समाजवादी पार्टी के द्वारा कुख्यात अपराधियों और उनके गिरोहों को विधायक, सांसद व मंत्री बनाया जाता है। इसके विपरीत बेनी बाबू की बिरादिरी के ददुआ डकैत ने उनसे संरक्षण चाह तो उन्होंने साफ़ मना कर दिया था। मुलायम सिंह यादव व उनका परिवार अपने कारनामो के कारण सी बी आई से डरता है। बेनी बाबू डरते नही हैं। 

सुमन 
लो क सं घ र्ष !

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