मंगलवार, 30 अगस्त 2011

उत्तर प्रदेश पुलिस लाश गाडी से इस तरह वसूली करती है

गोंडा जनपद के उतरौला से लाश गाडी से दाह संस्कार करने के लिये लोग अयोध्या रहे थे कि रास्ते में मनकापुर कोतवाल राम लखन सिपाही अखिलेश्वर शर्मा ने लाश गाडी को रोक लिया और रुपये की मांग ड्राईवर से करने लगेड्राईवर द्वारा रुपया देने पर चालक सीट पर ही उसकी पिटाई शुरू हो गयीबस में बैठे हुए व्यक्तियों को कोतवाल ने उतरवाकर पिटाई करवाई और उठक बैठक लगवाई लाश गाडी के ऊपर कुछ लोग चढ़ गए उनको भी पीट पीट कर नीचे उतार लिया गया
शोर सुनकर बहुत सारे ग्रामीण गए और वहां रुके हुए वाहनों में से कुछ लोग उतारकर जब कोतवाल राम लखन की जमकर पिटाई कर दी तो किसी तरह वह अपनी सरकारी जीप में बैठ कर भाग गए
उत्तर प्रदेश पुलिस का साहस, शौर्य कुछ इसी तरह का है और फर्जी एन्काउन्टर निरीह लोगों को पकड़ कर गंभीर अपराधों में बंद करना मुख्य कार्य है और फर्जी कार्यों के आधार पर पुलिस पदक से लेकर राष्ट्रपति पदक तक ले लेते हैंखुदा खास्ता यदि कोतवाल रामलखन की मृत्यु पब्लिक की पिटाई से हो जाती तो उत्तर प्रदेश के प्रमुख अख़बारों में यह प्रकाशित होता कि उत्तर प्रदेश पुलिस के जाबांज निरीक्षक रामलखन मुठभेड़ में अपने आदमी शौर्य साहस का परिचय देते हुए दो खूंखार आतंकवादियों को मार गिराया किन्तु वह स्वयं शहीद हो गए

सुमन
लो क सं घ र्ष !

4 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

कोतवाल ने रोक ली, इक गरीब की लाश |
कोचवान से मांगता, खाने को कुछ मांस |

खाने को कुछ मांस, राम-लखन का वास्ता |
अखिलेश्वर भी नहीं, कराता उन्हें नाश्ता |

पर माया तू जान , न गली पुलिस की दाल |
अन्नाजन को देख, दुम दाब भगा कुत्त्वाल ||

dihesh ने कहा…

बहुत ही उम्दा प्रस्तुती

Arvind Mishra ने कहा…

शर्म शर्म

Vijai Mathur ने कहा…

पुलिस अभी भी ब्रिटिश साम्राज्यवादी पेटर्न पर चल रही है।