सोमवार, 21 अक्तूबर 2013

सरकारें उद्योगपतियों के एजेंट

बाराबंकी। किसानों की भूमि अधिग्रहण प्रस्ताव के विरोध में किसान सभा के नेतृत्व में जेल भरो नारे के साथ जुलूस निकाला गया। जुलूस गांधी भवन से चलकर लखनऊ रोड होते हुए तहसील, जिलाधिकारी कार्यालय, अतिरिक्त जिलाधिकारी कार्यालय होते हुए डी0आर0डी0ए0 होकर सभा में परिवर्तित हो गया। प्रशासन ने कोई गिरफ्तारी नहीं की।
    सभा को सम्बोधित करते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव कामरेड बृजमोहन वर्मा ने कहा कि किसान जल जंगल भूमि की लड़ाई को आखिरी सांस तक लड़ेगा और किसी भी कीमत पर अपनी भूमि का अधिग्रहण नहीं होने देगा। वहीं किसान नेता रशीद अहमद वारसी ने कहा कि यह सरकार किसानों की व दश्तकारों की दुश्मन है। सरकार ने दश्तकारों की रोजी रोटी छीन ली है और अब वह किसानों की रोजी रोटी छीनने की कोशिश कर रही है।
    भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सह सचिव रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि आन्दोलन यहीं नही समाप्त होता है, दीपावली तक किसानों को प्रशिक्षित किया जायेगा। किसान आन्दोलन तब तक जारी रहेगा जब तक भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव प्रशासन वापस नहीं ले लेता है। पार्टी के राज्य परिषद सदस्य डा0 उमेश चन्द्र वर्मा ने कहा कि ट पूंजीवादी व्यवस्था में सरकारें उद्योगपतियों के एजेंट के रूप में कार्य कर रही हैं। जुलूस का नेतृत्व किसान सभा के जिलाध्यक्ष विनय कुमार सिंह, अमर सिंह प्रधान, जियालाल वर्मा कर रहे थे। जुलूस में पुष्पेन्द्र कुमार सिंह, राम नरेश वर्मा, राजेश सिंह, विपतराम, दल सिंगार, गिरीश, नीरज वर्मा, राजेन्द्र एडवोकेट, रमाशंकर शर्मा, उमाकान्त, विष्णु त्रिपाठी, मो0 शाहिद, वीरेन्द्र वर्मा, श्रवण कुमार आदि प्रमुख लोग थे।
    जुलूस में किसान लखनऊ विकास प्राधिकरण मुर्दाबाद, जिला प्रशासन मुर्दाबाद, ये दीवानें कहां चले, जेल चले भाई जेल चले आदि नारें लग रहे थे।



नीरज वर्मा
मंत्री
अखिल भारतीय किसान सभा
बाराबंकी 

2 टिप्‍पणियां:

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

सही कहा ! आज सरकारें उद्योगपतियों से ही चलती है ,,,

काव्यान्जलि: हमने कितना प्यार किया था.

धीरेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा…

सही कहा ! आज सरकारें उद्योगपतियों से ही चलती है ,,,

काव्यान्जलि: हमने कितना प्यार किया था.