गुरुवार, 13 अगस्त 2015

देखो ! घोटालों का बाप

'खाऊंगा ना खाने दूंगा', प्रधानमंत्री मोदी ने अपने चुनाव अभियान में जनता से यही वादा किया था. भ्रष्टाचार उनका सबसे अहम मुद्दा था. यानी ना वो ख़ुद भ्रष्ट होंगे ना अपने इर्द-गिर्द भ्रष्टाचार होने देंगे.लेकिन यह बात पूरी तौर से गलत साबित हो रही है. आज संसद अनिश्चितकालीन के लिए स्थगित हो गयी है और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के ललित मोदी मामले का कोई समाधान नहीं हो पाया. प्रधानमंत्री मौनी बाबा-II साबित हुए सदन में वह कुछ कहना नहीं चाहते और जन सभाओं को वह चुनावी सभा समझ कर जो मन में आया कहते रहते हैं.
        उच्चतम न्यायलय में सीबीआई ने हलफनामा देकर कहा है कि मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाले के बाद इस घोटाले का बाप मध्यप्रदेश के मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में एडमिशन के लिए होने वाली परीक्षा डीमेट (डेंटल एंड मेडिकल एडमिशन टेस्ट) घोटाला है,  फर्जी डॉक्टर बनाने वाले मप्र डीमेट घोटाले के मामले में देश की सबसे ताकतवर और धारदार जांच ऐजेंसी सीबीआई भी हैरान, परेशान है कि जांच करे तो कैसे। यह इतना बड़ा घोटाला है कि सीबीआई के अफसर भी पसीना-पसीना हो गए। बुधवार को सुप्रीमकोर्ट में पेश हलफनामे में सीबीआई ने माना कि हमारे पास इतने संसाधन और मैनपावर नहीं है, जो डीमेट जैसे घोटाले की जांच कर सकें।
           दस हज़ार करोड़ का यह घोटाला है और डीमेट के जरिये गलत तरीके से अपने बच्चों और रिश्तेदारों को मेडिकल और डेंटल कॉलेज में एडमिशन दिलाने वालों की लिस्ट लंबी है। इनमें नेताओं के अलावा अफसर भी शामिल हैं। चर्चा है कि प्रदेश के पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री गोपाल भार्गव ने बेटी आकांक्षा और अवंतिका का, अजय विश्नोई ने बेटे अभिजीत का, कमल पटेल ने भतीजी प्रियंका और इंदौर की विधायक मालिनी गौड़ ने कर्मवीर गौड़ का दाखिला कराया। कटारे ने कुछ और नाम लिए थे। इनमें स्वास्थ्य मंत्री नरोत्तम मिश्र, शिक्षा मंत्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मंत्री प्रकाश सोनकर, हरनाम सिंह राठौड़, नेहरू युवा केंद्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विष्णु दत्त शर्मा और पीस कमेटी के अखिलेश पांडे शामिल हैं। 
            प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इन घोटालों की तरफ पूरी तरह से आँख मूंदे हैं और उनके आँख मूंदने का मतलब इन बड़े-बड़े घोटालों को संरक्षण देना है अन्यथा अब तक मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा हो चुका होता. हमेशा आदर्श, सुचिता, नैतिकता, राष्ट्रवाद, देश भक्ति की फर्जी दुहाई देने वाला देश का संस्कृतिक संगठन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ और उसके प्रमुख मोहन भागवत मौनी बाबा का असाधारण रूप धारण किये हुए हैं. देश की एकता और अखंडता को नुक्सान पहुँचाने के लिए हिन्दू,मुसलमान, सिख, ईसाईयों के बीच में वैन्मस्यता कायम करने वाली नीति अपनाता है. उसकी राष्ट्रभक्ति को अमेरिकी वेबसाइट ने उसको आतंकी संगठन घोषित कर रखा है. अमेरिका में उसको आतंकी संगठन घोषित करने के लिए सिखों के संगठन ने न्यायलय में वाद दाखिल कर रखा है. इस तरह से जो चेहरे अपने को सफ़ेद साबित कर रहे थे . अब उन्ही चेहरों पर सबसे ज्यादा कालिख नजर आने लगी है. यूपीए-2 की सरकार ने इतनी बेशर्मी नहीं दिखाई थी जितनी बेशर्मी वर्तमान सत्तारूढ़ दल दिखा रहा है.

सुमन 

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