बुधवार, 13 जनवरी 2016

आतंक का शीर्षासन

भारत पाकिस्तान के संबंधों के बीच आतंकी घटनाएं महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है. कहा यह जाता है कि पाकिस्तानी सेना व खुफिया एजेंसी आई एस आई के ऊपर राजनैतिक नेताओं की कमांड ढीली रहती है और भारत विरोध में यह दोनों संगठन महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं. महत्वपूर्ण प्रश्न यह है कि पूरी दुनिया में आतंकी संगठनो को पैदा करने का काम अमेरिका और उसकी खुफिया एजेंसियां करती हैं और जब आतंकी संगठन गठित करने का उद्देश्य पूरा हो जाता है तो उसका विनाश करने के लिए भी वही आते हैं.
          प्रधानमंत्री मोदी ने पाकिस्तान को पठानकोट आतंकी घटना के सबूत उपलब्ध कराये. पाकिस्तान सरकार ने सबूतों को इनकार किया लेकिन आज वहीँ पाकिस्तान ने पठानकोट हमला मामले में जैश-ए- मोहम्मद के तीन आतंकियों को गिरफ्तार किया है। जियो टीवी के हवाले से तीन आतंकियों को गिरफ्तार करने की खबर आई है। इस हमले को लेकर पाक में कई जगहों पर छापे मारे गए हैं। जैश के कई ठिकानों पर छापा मारा गया है। गिरफ्तार व्यक्तियों में अजहर मसूद का रिश्तेदार भी है.
                दूसरी तरफ मुंबई के सीनियर जर्नलिस्ट बलजीत परमार का कहना है कि 26 दिसंबर के दिन दाउद लाहौर में ही था। उनका कहना है कि वो न केवल लाहौर में था बल्कि रावलपिंडी पैलेस भी पहुंचा था। परमार का दावा है कि डॉन इस शादी समारोह में पूरे परिवार के साथ शरीक हुआ था। इतना ही नही इस समारोह में शामिल होने के लिए भारत का एक कारोबारी और मुंबई से कुछ लोग भी पहुंचे थे। परमार 80 के दशक में दाउद से दो बार मिलने का दावा भी कर चुके है। यह समाचार आतंकी लोगों के राजनीतिक गठजोड़ को दर्शाता है. दोनों समाचार परस्पर एक दूसरे के विरोधी हैं. इनका विश्लेषण करना सरल नहीं है. अगर यह खबर सही है तो हमारे प्रधानमंत्री अगर शादी समारोह में रुकते तो दाउद से भी मुलाकात हो जाती और गृह मंत्री राजनाथ सिंह को दाउद को ढूंढने की जरूरत नहीं होती.

आतंक या आतंकवाद का सीधा सम्बन्ध साम्राज्यवाद से है. साम्राज्यवाद जनता को भय में रखने के लिए पहले आतंकी संगठनो को जन्म देता है और अपना उद्देश्य पूरा होते ही वह जनता के समक्ष अपनी ताकत दिखाने के लिए नष्ट भी करता है. पूरी दुनिया में आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का काम साम्राज्यवादी देश ही करते हैं. आतंक और आतंकवाद को समाप्त के नारे के साथ लाखों लोगों को बेघर बार होना पड़ता है. लाखों जाने जाती हैं और उनकी हड्डियों पर साम्राज्यवादी शक्तियां अपने नाटक का प्रदर्शन करती हैं.
                भारत पाक संबंधों में मुख्य समस्या साम्राज्यवादी अमेरिका है. उसी के इशारे पर आतंकवाद का पदमासन से लेकर शीर्षासन होता रहता है.  
पाकिस्तान और अपने देश की सरकारें जनता को भ्रमित करने के लिए तथा छद्म राष्ट्रवाद को पैदा करने के लिए तरह-तरह के हथकंडे अपनाती हैं. जिससे जनता का ध्यान महंगाई, बेरोजगारी, भुखमरी से हट सके. 

सुमन 

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