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रविवार, 11 अगस्त 2013

इंटेलिजेंस ब्यूरो की सहालग

नकली खौफ पैदा करने की कोशिश
देश में स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस हो या कोई बड़ा त्यौहार आने वाला होता है तो इंटेलिजेंस ब्यूरो की सूचनाएं इलेक्ट्रॉनिक व प्रिंट मीडिया पर प्रसारित होने लगती है कि लाल किले पर लश्कर ए तैयबा का हमला होगा या समुद्री मार्ग से आतंकी हमला करने के लिए निकल चुके हैं. देश में दहशत का माहौल पैदा हो जाता है. अरबों रुपयों का पेट्रोल व डीजल सुरक्षा के नाम पर जलने लगता है. अधिकारीयों के तमाम सारे बिल्स सरकार को भुगतान करने पड़ते हैं और इन सूचनाएं के प्रसारण के बाद न तो कोई पकड़ा जाता है. और न ही कोई वारदात ही होती है. जब पूरे देश में हमला होने की समय समय पर सूचनाएं प्रसारित होती रहती हैं. जब कोई वारदात होती है तो शेख चिल्ली की तरह कह दिया जाता है की हमने पहले ही सूचना दे दी थी. 
                     देश में भेड़िया आया-भेड़िया आया की गुहार लगाने की परंपरा चल निकली है और जब भेडिया आता है तो चरवाहा अकेला ही बचता है. जैसे एक सूचना प्रिंट मीडिया में प्रसारित हो रही है कि गुजरात के वलसाड में आतंकवादियों के घुस आने की खबर के बाद जिले की सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी गई है। इंटेलिजेंस ब्यूरो की सूचना में कहा गया था कि समुद्री रास्ते से लगभग 13 आतंकवादी जिले में घुस आए हैं। वलसाड की एसपी निपुणा तोरवाणे ने बताया कि इंटेलिजेंस ब्यूरो की सूचना में समुद्री तट से 13 आतंकवादियों के घुस आने का संदेह जताया गया था। लिहाजा विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। उन्होंने बताया शनिवार को ही जिला पुलिस के अफसरों की बैठक आयोजित कर इंटेलिजेंस ब्यूरो की इस सूचना पर सलाह-मशविरा किया गया। इसके बाद कांबिंग और पेट्रोलिंग को तेज करने का फैसला किया गया। तोरवाणे ने बताया कि पुलिस ने रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड और तटवर्ती इलाकों में पेट्रोलिंग और कांबिंग तेज कर दी। होटलों में भी चेकिंग की जा रही है। आम लोगों खास कर मछुआरों को सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी पुलिस को देने को कहा गया है। गौरतलब है कि केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने शुक्रवार को यह सूचना दी थी कि पाकिस्तान से अपनी गतविधियों को अंजाम दे रहा आतंकी संगठन लश्कर-ए-ताइबा दिल्ली पर हमले कर सकता है। इसके बाद गुजरात के इस दक्षिणी जिले में आतंकवादियों के घुसने की खुफिया जानकारी दी गई। 
आईबी की तरफ से दिल्‍ली पुलिस को लिखी इस चिट्ठी ने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस चिट्ठी के मुताबिक लश्‍कर ए तैयबा का सरगना हाफिज सईद दिल्‍ली पर आतंकवादी हमला करने की फिराक में है। चिट्ठी में लिखा गया है कि हाफिद सईद दिल्‍ली में हमला कर सकता है। आईबी ने दिल्‍ली को अलर्ट किया है कि आतंकवादी दिल्‍ली पर हमला करने की तैयारी कर रहे हैं
अगर इसी सूचना को प्रसारित न करके 13 पाकिस्तानी आतंकियों को गुजरात की समुद्री सीमा में पकड़ने का काम किया जाए तो सूचनाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी। संभावित हमलो का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाना कहीं कुछ और कहता है. वैसे तो यह मौसम इंटेलिजेंस ब्यूरो की सहालग का है. 

सुमन 

रविवार, 7 जुलाई 2013

बौद्ध मंदिर में बम विस्फोट और इंटेलिजेंस ब्यूरो

हमारे गाँव में बहादुर मंगता रहते थे जब खेती के सारे काम निपट जाते थे तब वह एक झोले में कुरता धोती रख कर गाँव से सात-आठ मील दूर जाकर साफ़ सुथरा कुरता धोती पहन लेते थे और माथे पर त्रिकुंड लगा लेते थे। फिर एक अच्छे सधे ज्योतिषी की भूमिका में आ जाते थे और लोगों के हाथ और मष्तिस्क की रेखा को पढ़कर भविष्य बताने का काम करते थे। उनकी भाषा यह होती थी कि सुख भी होगा दुःख भी होगा। विपत्ति आएगी भी नही भी आएगी। बीमार थे और नही भी थे जैसी छद्म शब्दावली का प्रयोग कर अपना धंधा चलाते थे। यह मौसम विज्ञान की पहले की भविष्यवाणी कुछ इसी तरह से होती थी की बरसात होगी, नही भी होगी। छुट पुट बदल छाये रहेंगे नही भी रहेंगे। इसी तरह की सूचनाएं इंटेलिजेंस ब्यूरो किसी भी बम विस्फोट की घटना के बाद जारी करता है कि हमने पहले ही फलां-फलां जगह पर विस्फोट की सूचना सम्बंधित राज्य सरकार को दे दी थी।  अगर कोई घटना घट गयी तो कुछ मास्टरमाइंड के नाम मीडिया की हवा में तैर रहे होते हैं, की चर्चा शुरू हो जाती है। कुछ जेलों में बंद मुसलमान नवयुवकों के नाम आने लगते हैं कि उसने अपने बयान में ऐसा कहा था और फिर कुछ लोगों को पकड़ कर बंद कर दिया जाता है और अदालतें अपने तरीके से न्याय करने लगती हैं और बम विस्फोटों की श्रंखला में कोई कमी नहीं होती है। गुजरात के एक एनकाउंटर की सीबी
आई द्वारा जांच होने पर आई बी स्वयं ही अपराधी घोषित हो जाती है और उसके तत्कालीन गुजरात प्रमुख राजेंद्र कुमार अभियुक्त नजर आने लगते हैं। ए के 47 जैसे आर्म्स की फर्जी बरामदगी का आरोप उन पर आ गया और फिर इंटेलिजेंस ब्यूरो का रुदन प्रारंभ होता है कि किसी तरीके से हमको बचाओ। केन्द्रीय गृह सचिव से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय उनके अपराधों को बचाने के लिए अपने रण कौशल का इस्तेमाल करने लगते हैं।
              बाराबंकी जनपद में अपराध संख्या 295/2013 अंतर्गत धारा 120 बी, 302 आईपीसी थाना कोतवाली में आई बी भी अभियुक्त है। अगर इस केस की जांच भी सीबीआई जांच कर ली गयी तो इंटेलिजेंस ब्यूरो का पूरा का पूरा ढांचा सुसंगठित गिरोह के रूप में नजर आएगा. 
आज जरूरत इस बात की है कि चाहे बौध गया के मंदिर विस्फोट का मामला हो या संसद हमला इस में कहीं न कहीं प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से हिन्दुवत्व वादियों और इंटेलिजेंस ब्यूरो के नापाक गठजोड़ का हाथ है। एनडीए सरकार बनने के बाद आईबी व हिन्दुवात्व वादियों के गठजोड़ की जितनी भी कारगुजारियां है उनकी जांच करने की आवश्यकता है। अगर यह जांचे नही की जाती हैं तो फर्जी आतंकवाद के बादल भारतीय आकाश में तैरते रहेंगे तो कभी पुणे में तो कभी बौध गया में तो कभी दिल्ली में छुट पुट बरसते ही रहेंगे। 
        नकली बरसाते करवाने से बजट बढ़ता है, पूछ बढती है, आउट ऑफ़ टर्न प्रमोशन होते हैं और अमेरिकी साम्राज्यवादियों के हित साधन पूरे होते हैं। 

सुमन 

मंगलवार, 11 जून 2013

इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष निदेशक को सीबीआई ने अभियुक्त बनाया

सीएनएन आईबीएन न्यूज़ चैनल द्वारा प्रसारित समाचार के अनुसार सीबीआई ने मंगलवार के दिन इंटेलिजेंस ब्यूरो के विशेष डायरेक्टर राजेंद्र कुमार को जो की इशरत जहाँ फर्जी एनकाउंटर केस में सीबीआई तफ्तीश में शामिल थे, को सम्मन बहैसियत अभियुक्त जारी कर दिया है। न्यूज़ चैनल के अनुसार सीबीआई ने अभियुक्त राजेंद्र कुमार को वर्ष 2001 से वर्ष 2005 तक गुजरात प्रान्त में हुए तमाम पुलिस एनकाउंटर्स में गलत सूचना प्रेषित करने का जिम्मेदार ठहराया है।
             सीबीआई द्वारा यह सम्मन उच्चतम न्यायलय द्वारा इशरत जहाँ फर्जी एनकाउंटर केस के अभियुक्त व गुजरात पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक पी पी पाण्डेय के अरेस्ट याचिका निरस्त होने के बाद सीबीआई ने राजेंद्र कुमार को अभियुक्त सम्मन जारी कर दिया। पी पी पाण्डेय का अजमानतीय वारंट पहले से ही मजिस्ट्रेट द्वारा जारी है।
 ज्ञातव्य है कि बाराबंकी कोतवाली के अपराध संख्या 295/2013 में अंतर्गत धारा 120B व 302 आईपीसी के केस में इंटेलिजेंस ब्यूरो भी अभियुक्त है।

सुमन
लो क सं घ र्ष !
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