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रविवार, 20 जनवरी 2013

सच बोल कर मुकरना

गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कहा कि "हमारे पास रिपोर्ट आ गई है. जाँच में भाजपा हो या आरएसएस के ट्रेनिंग कैंप, हिंदू आतंकवाद बढ़ाने का काम देख रहे हैं.”
शिंदे ने कहा कि ऐसी कोशिशों से देश को सतर्क रहना चाहिए।
गौरतलब है कि मक्का मस्जिद, समझौता एक्सप्रेस और मालेगाँव धमाकों में साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, असीमानंद जैसे हिंदू चरमपंथियों के नाम सामने आए थे और सुरक्षा एजेंसियाँ इन मामलों की जाँच कर रही हैं। 
        कांग्रेस के नेता श्री दिग्विजय ने गृह मंत्री शिंदे की बातों का समर्थन करते हुए कहा है कि प्रज्ञा ठाकुर की गिरफ्तारी के समय अडवानी व सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री के पास सिफारिश लेकर गए थे।
                इसके बाद शिंदे ने हिन्दू या आर.एस.एस  या बी.जे.पी की जगह भगवा आतंकवाद का नाम लिया। आर.एस.एस और बी.जे.पी जैसे ही हिन्दू कट्टरपंथियों के नाम आतंकी घटनाओ में आते हैं वह उबल पड़ते हैं। जिससे जांच अधिकारी से लेकर सत्तारूढ़ दल के नेता दबाव में आ जाते हैं। उसी कड़ी में गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने सच बात कह कर फिर बातों को तोडना-मरोड़ना प्रारंभ कर दिया। कांग्रेस में यदि दम है तो वह मुंबई आतंकी घटना, संसद हमला तथा बाटला एनकाउंटर की पुन: जांच करवा ले तो कौन है आतंकी इस का पता चल जायेगा ? कांग्रेस के काफी बड़े नेताओं का भी  व  विचार हिन्दुत्ववादियो के दुष्प्रचार से मेल खाता  है। उनकी जीवनशैली धर्मनिरपेक्ष नहीं रही है। संघ तो जर्मन नाजीवादी विचारधारा से प्रेरित होकर इस देश के बहुधार्मिक, बहुजातीय, बहुभाषीय स्वरूप को बदल कर धार्मिक आधार पर राष्ट्र की स्थापना करना चाहती है। संघ का देश के धर्मनिरपेक्ष संविधान में यकीन ही नहीं है और जब जिस संगठन का भारतीय संविधान पर ही यकीन ही नहीं है तो वह वैसे ही असंवैधानिक संगठन है।  

सुमन
लो क सं घ र्ष !

रविवार, 17 जुलाई 2011

दिग्विजय सिंह ने ग़लत नही कहा

राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की स्थापना 1925 को जर्मन नाजीवादी विचारों से प्रेरित होकर हुई थी. राष्ट्रीय आज़ादी की लड़ाई में इस संगठन का कोई योगदान नही था इसके विपरीत यह संगठन ब्रिटिश साम्राज्यवाद की मदद करता रहा और आज़ादी क बाद इस देश क महानायक महात्मा गाँधी की हत्या भी इस संगठन के लोगों के हाथों से हुई. साध्वी प्रगया की गिरफ्तारी क बाद हिंदूव्त्व वादी आतंकवाद का पर्दाफाश हुआ और स्वामी असीमनंद क अंतर्गत धारा 164 सी आर पी सी के बयान के बाद यह स्थिति और भी सॉफ हो गयी किी इस संगठन का हाथ आतंकवादी गतिविधियों में है मुंबई आतंकी घटना का दूसरा चरण उस समय होता है जब देश की स्तितियाँ ठीक ना हो मंट्रिगन घोटाले में फँस रहे हों. कालका मैल जैसी भीषण दुर्घटना हो चुकी ही ऐसे समय देश की जनता का ध्यान हटआअनए क लिए कुछ भी संभव है. अमेरिकन साम्राज्यवाद की दूसरी पसंद संघ है और संघ चाहता यह है किी हिंदू मुसलमान की राजनीति बढ़े जिससे उसकी मुख्य मुखौटा पार्टी को लाभ हो. दिग्विजय सिंह का बयान भी यह संकेत करता है की संघ क नेताओं की तरफ भी जाँच की जानी चाहिए और भारत सरकार को चाहिए इस बात की पुख़्ता जाँच कराए.

सुमन

लो क सं घ र्ष !

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