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रविवार, 6 अगस्त 2017

माकपा कार्यालय पर लुटपाट पुलिस व सरकार की मिलीभगत

माकपा कार्यालय पर लुटपाट पुलिस व योगी सरकार की मिलीभगत - रणधीर सिंह सुमन

1962 मे बने कम्युनिस्ट कार्यालय पर पुलिस की मौजूदगी में गुंडों ने किया कब्जे का प्रयास बिल्डिंग में लूटपाट, अपरहण कर कार्यालय सहायक को बनाया गया बंधक दबंगों के कब्जे से छुट पीड़ित कार्यालय सहायक की नहीं दर्ज की गयी रिपोर्ट शिकायत करने पहुचे सहायक से पूर्व नगर कोतवाली पुलिस की आव-भगत में बैठे आरोपी


बाराबंकी। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी दफ्तर पर बीती शनिवार की रात्रि गुंडों ने लुटपाट करते हुए जमकर उत्पात मचाया। वहा मौजूद कार्यालय सहायक का अपरहण कर बिल्डिंग को अपने कब्जे में लेकर गिराने का कार्य किया गया। पुलिस की मिलीभगत से गुंडे पूरी रात कार्यालय में रखे सामान, महत्वपूर्ण कागजातों समेत वहा कार्यालय सहायक को भी साठ-गाठ कर बंधक बना लिया गया। मामला शनिवार की शाम का है। जहा पहले फिल्मी अंदाज में कार्यालय पहुचे दबंगों ने कार्यालय सहायक रामेश्वर प्रसाद यादव को बंधक बनाया। बाद में पुराना निब्लेट तिराहा स्थित एक मकान में बंधक बनाकर कैद कर दिया गया। जिसके बाद रविवार की भोर में बंधक रामेश्वर को छोड़ दिया गया। जब वापस कार्यालय पहुचे सहायक ने देखा तो कार्यालय तहस-नहस हो चुका था। बावजूद रविवार की सुबह नगर कोतवाली शिकायत करने पहुचे पीड़ित से पहले ही आरोपी रुपेश सोनी अपने अन्य साथियों समेत नगर कोतवाली पुलिस की खुशामद मे जुटा हुआ था। बावजूद पीड़ित की न तो अपरहण करने की रिपोर्ट दर्ज की गयी। बावजूद सूत्र बता रहे है की इस पूरे प्रकरण में नगर कोतवाली पुलिस के ईमानदार अफसरों ने अपनी जमकर जेब गर्म की।

कम्युनिस्ट कार्यकर्ता के साथ हुई घटना से आये उबाल ने की आन्दोलन की तैयारी जब पीड़ित ने लगायी मुख्यमंत्री से गुहार
माकपा जनपद बाराबंकी के कार्यालय सहायक रामेश्वर प्रसाद यादव का अपरहण कर कार्यालय में रखे सामान व बिल्डिंग को गिराने के मामले में नगर कोतवाली पुलिस द्वारा कोई कार्यवाही न किये जाने से आहत पीड़ित ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाते हुए जेब गर्म करने वाले दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग की है।
बॉक्स आरोपी समेत 14 अन्य पर पूर्व में दर्ज हो चुका है धोखाधडी का मुकदमा
दबंगों द्वारा कार्यालय सहायक को बंधक बनाकर किये गए अपरहण के बाद डायल 100 पर दबंगो के उत्पात की सूचना दी गयी। बावजूद मौके पर पहुची पुलिस आरोपियो को भैया बाबू करती हुई दिखाई दी। कार्य रुकवाए जाने की जगह पर आरोपियों से साठ-गाठ करती हुये डायल 100 पुलिस को देखा गया।
कार्यालय सहायक रामेश्वर प्रसाद यादव द्वारा पूर्व में थाना नगर कोतवाली पर आरोपी रुपेश सोनी समेत 14 अन्य लोगो पर कार्यालय पर कब्जा करना व जालसाजी कर कार्यालय की ट्रस्ट भूमि को फर्जी तरीके से बैनामा कराये जाने के मामले में लगभग 5 माह पूर्व ही मुकदमा दर्ज कराया गया था। बावजूद आरोपियों से मोटी रकम वसूल कर कुंडली जमाये बैठी नगर कोतवाली पुलिस का दोगला चेहरा जनता के सामने आज उजागर हो गया।

पुलिस के संरक्षण में गिराया गया माकपा कार्यालय

क्या है पूरा मामला

आरोपी की खुशामद में दिखाई दी नगर कोतवाली पुलिस रात भर पुलिस के संरक्षण में चले बिल्डिंग गिराने के मामले में सुबह उच्चाधिकारियों को लगातार फोन पर सूचना दिए जाने के बाद भी नगर कोतवाली पुलिस मौके पर नहीं पहुची। बावजूद दिन के लगभग 1 बजे अपर पुलिस अधीक्षक को पार्टी राज्य कौसिल सदस्य रणधीर सिंह सुमन द्वारा पूरे मामले की जानकारी देने पर आनन् फानन में पहुची पुलिस ने किसी भी दबंग को गिरफ्तार नहीं किया। मौके पर काम बंद कराने के नाम पर केवल लीपा-पोती करती रही।
योगी सरकार में विरोधी दलों के कार्यालयों के ऊपर कब्जा करवाकर लूटपाट व अपरहण जैसे कार्य पुलिस के संरक्षण में शुरू हो गए है। जिसकी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी घोर निंदा करती है। पार्टी के राज्य परिषद् सदस्य रणधीर सिंह सुमन ने कहा कि जिस तरह से कल माक्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बाराबंकी कार्यालय को गिराया गया है। और लूटपाट की गयी है। वो भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में एक काला धब्बा है। दफ्तर गिराने वाला व्यक्ति पुलिस की आव-भगत में बैठा हुआ था। अपरहण से लेकर की गयी लुटपाट पुलिस की मिली भगत व योगी सरकार के इशारे पर हो रही है। जिसके बाद जनपद समेत प्रदेश में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बड़े पैमाने पर आन्दोलन चलायेगी।
धनोखर चौराहा स्थित फोटो वाली गली में सन 1962 से माकपा का कार्यालय उक्त बिल्डिंग में स्थित है। त्रस्त की भूमि है। बावजूद षड़यंत्र कर फर्जी तरीके से लिए गए बैनामे के बाद कार्यालय पर कब्जा करने पहुचे दबंगों ने कार्यालय पर कब्जा करते हुए बिल्डिंग को तहस-नहस कर गिरवा दी गयी। सूत्र बताते है कि इस पुरे मामले में नगर कोतवाली पुलिस ने मोटी रकम नीचे दबाकर बड़े पैमाने पर कार्यालय में कब्जा करवाने का प्रयास किया। राज्य परिषद् सदस्य रणधीर ने कहा पूरे प्रदेश में होगा आन्दोलन नौजवान सभा जिला महामंत्री ने की घटना की निंदा
अखिल भारतीय नौजवान सभा जिला महामंत्री पंडित प्रित्युश कान्त शुक्ल ने माकपा कार्यालय पर गुंडों द्वारा किये गए कब्जे के प्रयास पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कृत्यो की घोर निंदा की जाती है। जब प्रदेश में विपक्ष के कार्यालय ही सुरक्षित नहीं है तो आम जन की सुरक्षा की उम्मीद भी लगाना गलत है? पार्टी कार्यालय पर जो कब्जा करने का प्रयास किया गया है वो अपराध है। और पुलिस को जल्द से जल्द कार्यवाही करनी चाहिए।

- सरदार भूपिंदर पाल सिंह

गुरुवार, 15 दिसंबर 2011

झूठों का सौदागर ओबामा



अमरीकी
राष्ट्रपति बराक हुसैन ओबामा अपने बयानबाजी के बाद हिटलर के प्रचार मंत्री गोविल्स को भी पीछे छोड़ दिया है। उन्होंने एक बयान में कहा था कि ईराक से अमरीकी सेनायें पूरी तरह से वापस हो जाएँगी जबकि असलियत यह है कि बगदाद स्थित अमेरिकी दूतावास में २० ००० अमरीकी तैनात हैं अगर उनके सादे कपड़ों के नीचे देखा जाये तो वह सभी अमेरिकी सैनिक अधिकारी हैं। अमरीका हमेशा स्वतंत्र मुल्कों को गुलाम बनाने का आदि रहा है और अपनी रणनीति के तहत ईराक को गुलाम बनाया है लेकिन उसके मंसूबे पूरे नहीं होंगे। ईरान ने उसके ड्रोन को अपने कब्जे में ले लिया है और बराबरी के साथ धमका भी रहा है यदि अमेरिका ने हमला किया तो ईराक के प्रधानमंत्री नूरी मलेकी जो ईरान के साथ अपने संबंधो को प्रगाढ़ बना रहे हैं वह ईरान के साथ खड़े हुए नजर आ सकते हैं। यह अमरीका की मुख्य चिंता है इसीलिए अमरीका अपनी फौजों को सादी वर्दी में तैनात कर रहा है।
पाकिस्तान में 28 सैनिकों की हत्या नाटो सेनाओं द्वारा किये जाने के बाद वहां की सरकार ने शम्स हवाई अड्डे को खाली करा लिया है। अफगानिस्तान में लड़ रही नाटो सेनाओं के खाद्य व अन्य जरूरत की सप्लाई भी प्रभावित हो रही है। दूसरी तरफ अमेरिका में वाल स्ट्रीट आन्दोलन के गति पकड़ने के कारण पूर्वी तटों पर स्थित बंदरगाहों पर काम बंद है। अमेरिकी अर्थव्यवस्था भी मंदी के चपेट में है इसलिए अमरीका के पास झूठ की सौदागरी के अतिरिक्त कुछ शेष नहीं है। अगर ईरान पर हमला करने की स्तिथि में अमेरिकी होते तो उनका स्वर दूसरा होता।

सुमन
लो क सं घ र्ष !

मंगलवार, 19 जुलाई 2011

हर हिंदू शांतिप्रिय होता है लेकिन हिंदूव्त्व वाला हिंदू आतंकी होता है

आज कुछ मित्रों के साथ बैठे हुए चाय के साथ गपशप हो रही थी किी एक मित्र ने नया जुमला ढूँढ निकाला किी हर हिंदू शांतिप्रिय होता है लेकिन हिंदूव्त्व वाला हिंदू आतंकी होता है. इस पर कई मित्रो ने तस्दीक़ करते हुए कहा किी जब कोई आतंकी घटना होती तो उसकी जाँच मदरसों से शुरू होती है जबकि यह भी वास्तविकता है किी संघ क कार्यालय और उसके सहयोगी संगठन आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त रहे हैं और लिप्त हैं. जाँच उनकी भी होनी चाहिए और अगर द्विपक्षिशेय जाँच हो तो सही आतंकी पकड़े जाएँगे और और आतंकी घटनाओं पर रोक लग सकती है. प्रगया ठाकुर से लेकर असीमनंद तक भगवा आतंकवाद के एक लंबी श्रंखला है. और अपने आकाओं को खुश करने क लिए यह लोग आतंकी घटनायें करते रहते हैं और पाकिस्तान विरोध क नाम पर पूर्व मानसिकता क आधार पर ज़बरदस्ती एक दिशा में जाँच कर कुछ प्रतिफल ना मिलने पर भी कुछ लोगों को जेल भेज कर घटना का खुलासा कर इतिश्रि कर लेते हैं हद तो यहाँ तक हो गयी किी 15 अगस्त 2000 की पूर्व संध्या पर साबरमती बम विस्फोट कांड में कोई पुख़्ता सबूत ना होने क बावजूद भी अभियुक्तों क बयान के आधार पर आरोप पत्र दाखिल कर दिए गये क्योंकि जिस वाद की जाँच की दिशा ही मदरसे की ओर से ही शुरू की गयी थी यदि सही विवेचना हुई होती तो वास्तविक आतंकी पकड़े जाते और आतंकवाद क ख़ात्मे की ओर हमारा एक कदम होता.

सुमन
लोकसंघर्ष
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